पुरुषोत्तम असनोड़ा उत्तरांचल राज्य का गठन क्या जनाकांक्षाओं की पूर्ति है ? सपनों में भी उत्तराखण्ड पुकार रहे बच्चों, घसियारों के लोकगीतों में पैंठ चुके भावों और तथा आम उत्तराखण्डी की आशा-अभिल... Read more
रमदा सवाल है कि इस समय 1994 के जन सैलाब के असल हिस्सेदार कहाँ हैं ? अनिश्चितताजनित संज्ञाहीनता में या चिन्तन में (ईश्वर करे कि चिन्तन में हों)? वे अखबारों की ताजा सुर्खियों में नहीं हैं... Read more
पूरन बिष्ट बताते है कि मूल नक्षत्रों में पैदा होने वाले बच्चों का माँ-बाप परित्याग कर दिया करते थे। बाद में जब अघविश्वासों में वर्णित ‘अशुभ’ को ‘शुभ’ में बदलने के शॉर्टकट अपनाये जाने... Read more
चंदन घुघत्याल स्कूल के Founders’ Day के बाद पहली बार दीवाली की पाँच दिन की छुट्टियाँ मिलीं। मन में एक ही ललक थी कि इस बार माँ के साथ गाँव में दीवाली मनाऊँगा। वह बचपन की सोंधी यादें, माँ के ह... Read more
शीशपाल गुसाईं दिल्ली—भारत की राजधानी—आज अपने ही धुएँ में घुट रही है। यह वही शहर है जिसे कभी “भारत का चेहरा” कहा जाता था, लेकिन अब वही शहर दुनिया के सबसे प्रदूषित महानगरों में गिना जाता है।... Read more
कार्यालय प्रतिनिधि देहरादून से अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले के विरोध में , आज देहरादून में गांधी पार्क मुख्य द्वार पर (सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में नव गठित Sonam Vangchuk Rihai Manc... Read more
इन्द्रेश मैखुरी कार्टून : सतीश आचार्य जिस समय दुनिया में इस बात की चर्चा है कि वेनेजुएला की मारिया कोरीना माचाडो को नोबल शांति पुरस्कार दिया गया है, लगभग उसी समय माचाडो के देश वेनेजुएला के... Read more
गंगा असनोड़ा गेवाड़ घाटी में उपजिला चिकित्सालय के लिए आंदोलन ने पकड़ा जोर गेवाड़ घाटी में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर शुरू हुआ “ऑपरेशन स्वास्थ्य” आंदोलन अब आठवें दिन में पहुंच गया है।... Read more
ईश्वरी दत्त जोशी ‘ईश्वर’ उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में कृषि का रकबा लगातार घट रहा है। जंगली जानवरों के नुकसान के कारण काश्तकार विवश होकर खेती छोड़ रहे हैं। बंजर भूमि का तेजी से विस्त... Read more
विजय सिंह ठकुराय आइस स्तूप की इस फोटो को लगा कर कई लोगों को सोनम वांगचुक का मजाक उड़ाते देखा – ये भी कोई आविष्कार है कि बर्फ का गोला बना कर जमा दिया? ऐसी चीजों को ईनाम कब से मिलने लगा?... Read more































