राजीव लोचन साह पहला दृश्य: फतेहपुर की सुबह 28 जुलाई की सुबह, सरोदय इंटर कॉलेज (किशनपुर), उत्तर प्रदेश। 1,500 बच्चे स्कूल के मैदान में बैठे हुए थे। कोई नारे नहीं, कोई हिंसा नहीं — सिर्फ एक श... Read more
विनीता यशस्वी आधी रात को मिली स्वतंत्रता, जश्न से दूर रहे गांधी, दो दिन बाद सामने आई सीमा रेखा और पहाड़ के गांवों की अपनी लड़ाई 15 अगस्त 1947। भारतीय इतिहास की वह तारीख, जिसे सुनते ही तिरंग... Read more
शीशपाल गुसाईं उत्तराखंड में इन दिनों धरती के हल्के-हल्के झटके एक बार फिर उन लोगों की स्मृतियों को कुरेद रहे हैं, जिन्होंने 1991 के उत्तरकाशी और 1999 के चमोली भूकंप को अपनी आंखों से देखा है।... Read more
राहुल कोटियाल पहाड़ की जमीनें बिक जाने का शोर सिर्फ दो दिन तक सीमित रहता है। जबकि जमीनों के बिकने की प्रक्रिया अपनी गति से चलती ही रहती है। इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है कि आखिर बाहर के लोग... Read more
विनीता यशस्वी कुछ वर्ष पहले तक बाजार में खरीदारी के बाद जेब से नोट निकालना और दुकानदार को पैसे देना भारतीय जीवन का सामान्य हिस्सा था। आज वही दुकानदार QR कोड सामने कर देता है और ग्राहक मोबाइ... Read more
विनीता यशस्वी उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है, लेकिन पहाड़ में रहने वाले आम आदमी के लिए गंभीर बीमारी आज भी किसी परीक्षा से कम नहीं। गांव के नजदीक स्वास्थ्य केंद्र है तो वहां डॉक्टर नहीं, ड... Read more
विनीता यशस्वी उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस देवभूमि की एक दूसरी तस्वीर भी सामने आई है—नशे के बढ़ते कारोबार की। पुलिस और एसटीएफ की लगातार कार्रवाई के बावजूद... Read more
चंद्रशेखर तिवारी उत्तराखंड के पहाड़ों में लोकगीत और लोकनृत्य केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि यहां की सामाजिक-सांस्कृतिक जीवनधारा के अभिन्न अंग रहे हैं। इस समृद्ध लोक परंपरा को जीवंत बनाए रख... Read more
रमेश पांडे ‘कृषक’ आप लोकसभा की राजनीति में हैं, आप विधानसभा की राजनीति में हैं या फिर पंचायत की राजनीति में हैं, आपको भारतीय जनता पार्टी के सबसे बड़े नेताओं में एक भगत सिंह कोश्य... Read more
गोविंद पंत ‘राजू’ ओवर टूरिज्म हिमालयी इलाकों की एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है।प्रत्यक्ष रूप में तो इससे इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में सुधार दिखाई देता है लेकिन इसके दूरगामी पर... Read more































