विनीता यशस्वी सुबह की शुरुआत चाय से होती है। छह कप चाय के लिए दूध और चीनी चाहिए। फिर बच्चों का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम की चाय और रात का भोजन। महीने की शुरुआत में राशन की सूची बनती है—आटा,... Read more
कार्यालय प्रतिनिधि Triumphs.. ये उस कुमाऊं रेजिमेंट का आदर्श वाक्य (motto) है जिसका नाम भारतीय सेना के इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में अंकित है। उच्चतम अलंकरणों से सम्मानित कुमाऊं रे... Read more
व्योमेश जुगरान “लोग सुनते रहे साज़-ए-दिल की सदा अपने नग़में सलाखों से छनते रहे” गिरीश तिवाड़ी ‘गिर्दा’ उत्तराखंड में जन-संस्कृति और जनांदोलनों के इतिहास के सर्वाधिक गौरवशाली अध्य... Read more
रमदा वंदेमातरम् अस्सी साल तक हम राष्ट्र गीत के दो ही पदों तक सीमित रहे माँ , इन्हीं को गाते / गवाते रहे और पूरी शिद्दत से इन पदों के एक एक शब्द पर सक्रिय रहे . सुजलां : तेरी नदियों... Read more
विनीता यशस्वी उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड मामले में हाइकार्ट नैनीताल के न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने हत्याकांड के तीनों दोषियों की जमानत य... Read more
दिनेश शास्त्री दून लाइब्रेरी एंड रिसर्च सेंटर में मंगलवार को आयोजित सादे किंतु गरिमामय समारोह में इस वर्ष का इंद्रमणि बडोनी सम्मान उत्तराखंड की प्रख्यात संस्कृतिकर्मी, रंगकर्मी, शिक्षाविद और... Read more
राजीव लोचन साह पहला दृश्य: फतेहपुर की सुबह 28 जुलाई की सुबह, सरोदय इंटर कॉलेज (किशनपुर), उत्तर प्रदेश। 1,500 बच्चे स्कूल के मैदान में बैठे हुए थे। कोई नारे नहीं, कोई हिंसा नहीं — सिर्फ एक श... Read more
विनीता यशस्वी आधी रात को मिली स्वतंत्रता, जश्न से दूर रहे गांधी, दो दिन बाद सामने आई सीमा रेखा और पहाड़ के गांवों की अपनी लड़ाई 15 अगस्त 1947। भारतीय इतिहास की वह तारीख, जिसे सुनते ही तिरंग... Read more
शीशपाल गुसाईं उत्तराखंड में इन दिनों धरती के हल्के-हल्के झटके एक बार फिर उन लोगों की स्मृतियों को कुरेद रहे हैं, जिन्होंने 1991 के उत्तरकाशी और 1999 के चमोली भूकंप को अपनी आंखों से देखा है।... Read more































