शीशपाल गुसाईं उत्तराखंड में इन दिनों धरती के हल्के-हल्के झटके एक बार फिर उन लोगों की स्मृतियों को कुरेद रहे हैं, जिन्होंने 1991 के उत्तरकाशी और 1999 के चमोली भूकंप को अपनी आंखों से देखा है।... Read more
गोविंद पंत ‘राजू’ ओवर टूरिज्म हिमालयी इलाकों की एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है।प्रत्यक्ष रूप में तो इससे इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में सुधार दिखाई देता है लेकिन इसके दूरगामी पर... Read more
डॉ. प्रितम भि. गेडाम पृथ्वी पर मौजूद हर जीव अपनी अलग पहचान और भूमिका के साथ प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता हैं। खाद्य श्रृंखला की हर कड़ी आवश्यक है, क्योंकि किसी एक जी... Read more
शीशपाल गुसाईं कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनका परिचय उनके पुरस्कारों से नहीं, बल्कि उनके कर्मों से मिलता है। कुछ लोग इतिहास लिखते हैं, कुछ लोग इतिहास बनाते हैं और कुछ ऐसे विरले होते हैं जो... Read more
अनूप नौटियाल राज्य गठन से अब तक उत्तराखण्ड में 46,203 हेक्टेयर वन भूमि डायवर्ट, अकेले देहरादून जिले में 47%: हरेला के अवसर पर मैं यह सोच रहा हूँ कि उत्तराखण्ड किस गलत दिशा में जा रहा है।... Read more
रवि चोपडा अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी लिमिटेड बनाम अनुज जोशी एवं अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार द्वारा दायर शपथपत्र ने 14 वर्षों पुराने विवाद को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम... Read more
हिमांशु जोशी बद्रीनाथ मंदिर के पीछे स्थित झंडा मोहल्ला गांव के निवासी अंबिका प्रसाद कोटियाल कहते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में यहां के मौसम, पर्यावरण और लोगों की जीवनशैली में तेजी से बदलाव आया... Read more
राजशेखर पन्त 5 जून, आज विश्व पर्यावरण दिवस है। जिस प्रकार 2 अक्टूबर को गाँधीजी की तस्वीर झाड़-पोंछकर मंच पर सजाने के काम आती है, ठीक उसी प्रकार हथेली पर उगते हुए पेड़, अंकुरित होते हुए पौधे... Read more
सोशल मीडिया से साभार यह केवल “गर्मी” नहीं है, बल्कि उस पारिस्थितिकी दिवालिएपन (Ecological Bankruptcy) का परिणाम है, जिसका ब्लूप्रिंट पिछले एक दशक में तैयार किया गया है। जब दुनिया... Read more
महेश चंद्र पुनेठा चिंताजनक ट्रेंड और इसके दूरगामी प्रभाव हिंदुकुश हिमालय (HKH) क्षेत्र, जिसे ‘एशिया का जल टावर’ कहा जाता है, पिछले कुछ वर्षों में एक गंभीर जलवायु संकट का सामना क... Read more































