राजीव लोचन साह हरेला हमारी संस्कृति से जुड़ा हुआ पर्व है, मगर अब इसे और अधिक गहराई से समझा और व्यापक रूप से मनाया जाना चाहिये। जब हरेले की परम्परा शुरू हुई होगी, तब पारिस्थितिकी और पर्यावरण ज... Read more
डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला जिन मुद्दों के लिए राज्य आंदोलनकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनकी शहादत के दो दशक बाद भी ये मुद्दे जस के तस हैं. प्रदेश. में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव ह... Read more
केशव भट्ट बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, चमोली, टिहरी, ये केवल जिले नहीं, बल्कि उत्तराखंड के वो पर्वतीय क्षेत्र हैं, जिन्हें ‘दुर्गम’ की श्रेणी में रखा गया है. वर्षों से शासन और प्... Read more
रमेश मुमुक्षु देश की सबसे आधारभूत संरचना ग्राम है। देश में क्या हो रहा हैं और नागरिक पर व्यवस्था का सीधा प्रभाव पंचायत के स्तर से पता चलता है। ग्राम प्रधान हमारी संवैधानिक व्यवस्था का आधार... Read more
हिमांशु जोशी लोहार पीढ़ियों से किसानों के लिए औज़ार बनाते रहे हैं, जिनके बिना खेती का काम अधूरा था। लेकिन आधुनिक मशीनों, बदलते समय और नई पीढ़ी की उदासीनता ने इस पारंपरिक शिल्प को संकट के कग... Read more
महेश पंत आज सुबह मेरी पिचासी वर्षीय माँ और मैंने हमारे प्रारंम्भिक जीवन के बारे में बातें की। बातें करते करते, पुरानी यादों की लहर सी मन मष्तिष्क पर छा गई। हमारा गाँव नेपाल से भारत की सीमा... Read more
शीशपाल गुसाईं उत्तराखंड का माणा गांव, जो बद्रीनाथ के निकट स्थित है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। आज शुक्रवार को यहां से करीब 4 किमी ऊपर हिमखंड टूटने की दुःखद घ... Read more
पुरुषोत्तम शर्मा उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा बहुप्रचारित नया भू-कानून आखिर अब सामने आ ही गया है. क्या यह सच में राज्य के लिए कोई नया भू-कानून है? बिलकुल नहीं! असल में उत्तराखं... Read more
नन्द किशोर हटवाल उत्तराखंड के प्रसिद्ध हास्य कलाकार घनानंद जी ’घन्ना भाई’ हमारे बीच नहीं रहे। देहरादून स्थित एक अस्पताल में मंगलवार, 11 फरवरी 2025 को लंबी बीमारी के बाद उन्होंने अंतिम सांस... Read more
चारु तिवारी “हमारा उत्तराखंड के डायनामिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से निवेदन है कि आप उनके वोट की चिंता न करें, क्योंकि ये लोग बीजेपी को वोट देने वाले नहीं हैं। और जो पूरा का पूरा ए... Read more































