रमेश मुमुक्षु
देश की सबसे आधारभूत संरचना ग्राम है। देश में क्या हो रहा हैं और नागरिक पर व्यवस्था का सीधा प्रभाव पंचायत के स्तर से पता चलता है। ग्राम प्रधान हमारी संवैधानिक व्यवस्था का आधार ही है। इतना करीब होने के कारण हम उसको बहुत महत्व नहीं देते है। लेकिन ग्राम सभा और ग्राम प्रधान चुनावी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण इकाई है।
इस चुनाव में उम्मीदवार सीधे एक दूसरे के करीबी और पहचान के होते है। इसलिए उनके बीच चुनाव कठिन और जटिल होता है। इसको सहज करने के लिए कुछ सुझाव हो सकते है।
1. सभी उम्मीदवारों को एक मंच पर लाकर उनसे उनकी बात सुनी जाए। एक दूसरे की बुराई और आलोचना से अधिक अपनी भावी योजना वो आकर बताएं।
2. अगर उम्मीदवार पुनः किसी भी रूप में उम्मीदवार बनता हैं तो वो अपने पिछले काम के बारे में पूरा विवरण दे और चुनाव के घोषणा पत्र के अनुसार किया काम हुआ और क्या नहीं हुआ बताए।पिछले कार्यकाल की सभी बैठकों का भी विवरण बताए।
3. सभी उम्मीदवार अपने विचार रखे और अपना मैनिफेस्टो ध्चुनाव का घोषणा पत्र भी बनाए।
4. पंचायत और ग्राम सभा वहीं अच्छे से काम करती है ,जहां पर प्रधान जिम्मेदार हो और उससे महत्वपूर्ण जहां पर ग्रामीण जागरूक और सभी मीटिंग में शामिल होते है। वहां पर सभी काम अच्छे से संपन्न होते है।
5. ग्राम पंचायत के सभी विषयों के अनुसार ही काम करें। इस विषय पर गहन चर्चा जरूरी है।
6. प्रलोभन देना और लेना दोनों ही व्यवस्था को कमजोर बनाते है।उम्मीदवार और नागरिक दोनों दूर रहे।
7. सभी मिलकर एक अच्छे प्रधान को चुने और मिलजुल कर ग्रामीण विकास को आगे ले जाए।
उपरोक्त बिंदुओं पर विचार किया जा सकता है।

































