विशेष प्रतिनिधि
गांधी जयंती, 2 अक्टूबर 2025 के दिन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने इस्लाम हुसैन अध्यक्ष गांधीवादी संस्थाए उत्तराखंड सर्वोदय मण्डल को मुख्य अतिथि के तौर पर गांधीवाद पर बोलने के लिए बुलाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति कर रहे थे। इस्लाम हुसैन ने गांधीजी के जीवन के साथ साथ उनकी विचारधारा पर बात रखते हुए गांधीजी के रचनात्मक कामों पर भी बात की। मौजूदा दौर में अहिंसा सर्वधर्म सम्भाव वगैरह की जरूरत पर बात कही। इसके अलावा गांधी जी के ग्राम स्वराज के महत्त्व पर भी बात की, जिसमें उन्होंने गौपालन की महत्ता बताई और कहा कि गौपालन अच्छी बात है। साथ ही यह भी कहा कि गाय के जब देहान्त के बाद उसके शरीर का उचित उपयोग होना चाहिए।
कार्यक्रम में एक और वक्ता ने अपनी बात रखते हुए सावरकर के संदर्भ में कहा कि सावरकर गाय का मांस खाते थे। एक अन्य वक्त ने गांधी और राजा रामचंद्र जी तुलना करते हुए रामचंद्र जी की हिंसा पर अपने विचार रखे। एक अन्य वक्ता ने डाॅ. अम्बेडकर द्वारा देवी-देवताओं की आलोचना के बारे में कहा। कार्यक्रम में मौजूद विश्वविद्यालय के कुलपति, प्राध्यापकों, छात्रों और अतिथियों ने इस कार्यक्रम पर आपत्ति नहीं की।
कार्यक्रम के तीन महीने बाद एक कथित गौ रक्षक जोगिंदर राणा ने अपनी फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उपरोक्त कार्यक्रम में कथित सनातन विरोधी कार्यक्रम का तोड़-मरोड़ कर ब्योरा लिखा और दो वीडियो क्लिप शेयर की, जिसमें एक वीडियो क्लिप में इस्लाम हुसैन के लम्बे भाषण का कुछ सेकंड का एक छोटा हिस्सा भी शामिल था। इसमें सिर्फ गाय वाला हिस्सा दिया था।
इस पोस्ट के करीब एक घंटे के बाद ही स्वयं को सुदर्शन न्यूज की रिपोर्टर बताने वाली रूचि नाम की एक महिला का फोन इस्लाम हुसैन के पास आया, जिसने उनसे कहा गया कि आपने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में दिए अपने भाषण में जो गाय को लेकर आपत्तिजनक बात कही है, उस पर सुदर्शन न्यूज दोपहर 12 बजे एक चर्चा-बहस आयोजित करेगा। आप अपना स्पष्टीकरण देने के लिए बहस में शामिल हो जाएं। इस्लाम हुसैन ने कहा कि न तो उन्होंने अपने भाषण में कोई आपत्तिजनक बात की और न ही वे किसी बहस में भाग लेंगे।
4 जनवरी को कुछ हिन्दूवादियों और कथित गौ रक्षकों ने हल्द्वानी थाने में प्रदर्शन किया और यह मांग की कि उक्त कार्यक्रम में जिन लोगों ने कथित हिन्दू विरोधी बातें की हैं उनके और विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ कानूनी कार्रवाही की जाए। उन्होंने एक पत्र हल्द्वानी पुलिस को दिया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाही करते हुए अगले दिन शाम 5 बजे एक एफआईआर दर्ज कर ली, जिसमें इस्लाम हुसैन का देकर उनके खिलाफ सामाजिक सद्भाव वगैरह बिगाड़ने का मामला दर्ज कर लिया। इस एफ.आई.आर. के खिलाफ इस्लाम हुसैन ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिस पर हाईकोर्ट द्वारा फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने उनसे जाँच में सहयोग के लिए कहा है।

































