रमाकांत बेंजवाल उन्नीसवीं सदी तक गढ़वाल क्षेत्र बेहद बीहड़ व अगम्य था। यहाँ के यातायात की शुरुआत पगडंडियों से हुई। धार्मिक ग्रंथों विशेषकर महाभारत में बदरीनाथ, भृगुपंथ, गंगोत्तरी, यमनोत्तरी की... Read more
गोविन्द पन्त ‘राजू’ उत्तराखंड को राज्य बने हुए 20 साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन इस राज्य के विकास और उस विकास में स्थानीय जनता की हिस्सेदारी के लिए कौन सी नीति सही होगी इसके बारे में इस राज... Read more
चारु तिवारी अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट विकासखंड में एक छोटी सी जगह है बग्वालीपोखर। वहीं इंटर कालेज में हम लोग पढ़ते थे। कक्षा नौ में। यह 1979 की बात है। पिताजी यहीं प्रधानाचार्य थे। उन्होंने... Read more
मनमीत पिछले दिनों अखबारों के पहले पेज पर एक खबर फड़फड़ा रही थी। देहरादून से टिहरी झील तक 35 किलोमीटर की सुरंग का निर्माण होगा। अभी अखबार की उस खबर की स्याही सूखी भी नहीं थी कि उस सुरंग से ऊपर... Read more
राजीव लोचन साह उत्तराखंड को लेकर एक चिन्ताजनक समाचार है। यहाँ जल विद्युत परियोजनाओं द्वारा बार-बार किये जा रहे विनाश के बावजूद भारत सरकार गंगा एवं इसकी सहायक नदियों पर सात जल विद्युत परियोजन... Read more
हरिश्चन्द्र चंदोला उत्तराखण्ड राज्य कुल कितनी जल-विद्युत बनाता है उसके पूरे आंकडे उपलब्ध नहीं है। उत्तराखंड के श्रीनगर बांध से कितनी बिजली बनती है, उसका भी ज्ञान नहीं है। कुछ वर्ष पूर्व वह ह... Read more
राजशेखर पंत मलबे में तब्दील हुई किसी भी चीज़ का- चाहे वह इमारत हो, शहर हो, संस्कृति हो, मूल्य हो, आदर्श हों या फिर ज़ेहन के किसी कोने में दफन यादें -पुनर्निर्माण संभव नहीं है। हाँ, मलबे को साफ... Read more
गजेंद्र रौतेला सम्पूर्ण हिमालयी क्षेत्र अपनी विशिष्ट और मौलिक संस्कृति के साथ-साथ भूमंडलीकरण के इस दौर में भी जीवंत लोकोत्सवों के लिए आज भी जाना जाता है।जिनमें से लौ/लय्या की एक खास जगह है।... Read more































