चन्द्रशेखर तिवारी सन 1915 से लेकर 1946 तक गांधी जी का पांच बार उत्तराखण्ड में आगमन हुआ और वे काफी समय तक यहां रहे भी। ‘सच्चा हिमालय तो हमारे हृदय में है, इस हृदय रुपी गुफा में छिपकर उस... Read more
जयसिंह रावत मोहनदास कर्मचन्द गांधी जब अप्रैल 1915 में कुम्भ के अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी के संस्थापक मुन्शी राम से मिलने हरिद्वार पहुंचे तो वह इस महान व्यक्तित्व और कुंभ की भव्यता से तो अविभूत... Read more
रमेश कुमार मुमुक्षु जब कभी ग्रामीण विकास के विभिन्न आयामों की चर्चा होती है। ग्रामीण कुटीर उद्योग एवं स्थानीय संसाधन के समझदारी से उपयोग की बात होती है। पर्यावरण एवं प्राकृतिक जीवन की चर्चा... Read more































