One Comment

  1. 1

    mrigeshpande3@gmail.com

    बहुत मार्मिक। गाँवो की स्थिति भली होती अगर बुनियादी कारकों पर ध्यान दिया जाता। सब असंतुलित समंजन है। हाथ पर हाथ डाल तो बैठे हैं पर मन उड़ता है।

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