अमरीक सिर्फ भारत के आंकड़ों पर गौर करते हैं। कोरोना वायरस को विधिवत केंद्रीय हुकूमत ने जब ‘महामारी’ मानकर लॉक डाउन घोषित किया तो चंद दिनों में बेरोजगारी दर 23 फ़ीसदी आ गई औ... Read more
रमदा उस दिन ‘रवीश कुमार’ के ‘प्राइम-टाइम’ में न्यूजीलैंड में काम कर रहे किन्हीं ‘डॉ.देवी प्रसाद’ ने बताया कि यहाँ न्यूजीलैंड में हम कोरोना-संक्रमण के खिलाफ की जा रही कोशिशों के लिए युद्ध शब्... Read more
इंद्रेश मैखुरी सोशल मीडिया में लॉकडाउन का वक्त काटने के लिए लोग-आप मुझ को पहली बार कब मिले-को अभियान की तरह चलाये हुए हैं,तब एक लंबी,दुखद यात्रा से लौट कर मैं सोच रहा हूँ कि पुरुषोत्तम असनोड़... Read more
चारु तिवारी जानता तो मैं उन्हें बहुत पहले से था। पहली बार बहुत तरीके से मिले वर्ष 1992 में। उत्तराखंड क्रान्ति दल के गैरसैंण सम्मेलन में। इस सम्मेलन में गैरसैंण को राजधानी बनाने और इसका नाम... Read more
गोविंद पंत ‘राजू‘ असनोड़ा जी का निधन कोरोना के इस भयावह दौर में हमारे लिए सबसे बड़ी स्तब्धकारी घटना है। हम सभी जो उनसे प्यार करते थे , जो उनसे प्रेरणा लेते थे , जो उनसे सहयोग लेते... Read more
इन्द्रेश मैखुरी 13 अप्रैल को बैसाखी का पर्व होता है.लेकिन भारत की आजादी की लड़ाई में यह ऐसी तारीख है,जिसे अंग्रेज हुक्मरानों ने सर्वाधिक खूनी तारीख में तब्दील कर दिया था. 13 अप्रैल 1919 को... Read more
–काफल ट्री डेस्क अल्मोड़ा इंटर कालेज के प्रांगण में विवेकान्द की एक आदमकाय मूर्ति है. लगभग 70 के दशक में बनी इस मूर्ति के निर्माता का नाम है नवीन वर्मा ‘बंजारा’. आज सुबह उनका निधन हो... Read more
देवेश जोशी यायावरी-घुमक्कड़ी का शौक़ कई लोगों को होता है और लेखन प्रतिभा सम्पन्न भी असंख्य होते हैं किंतु इन दोनों का सामंजस्य विरलों में ही देखने को मिलता है। सौभाग्य से उत्तराखण्ड को एक ऐसा... Read more
प्रतिभा कटियार लॉकडाउन का चौथा दिन था. सड़को पर सन्नाटा पसरा हुआ था. वही सड़कें जो किसी वक़्त ट्रैफिक जाम से कराहा करती थीं. इतनी शांति चारों ओर जैसे किसी और ही जहाँ में आ गए हों. लेकिन इस शां... Read more
रमदा “इब्तिदा ए इश्क़ है रोता है क्या, आगे आगे देखिये होता है क्या।” से लेकर “ये इश्क़ नहीं आसां, इतना तो समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है” तक इस ‘कोरोना-ऋतु’ (बक़ौल प्रोफेसर पाठक)... Read more































