विजया सती जीवन गतिमान भी है और परिवर्तन शील भी. क्षण क्षण नवता को प्राप्त करना ही रमणीय होना है – इस सत्य से इनकार किसे है? लीक पर वे चलें जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं … पुराणमित... Read more
संदीप राणा उत्तराखंड में पौराणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े तीज-त्योहारों की लंबी सूची है। यहां गढ़वाल और कुमाऊं में हर माह कोई न कोई त्योहार मनाया जाता है। लेकिन पशुपालन और प्रकृत... Read more
डॉ योगेश धस्माना कला संस्कृति के इतिहास में माध्यकालीन युग में जिस चित्रकला शैली का उदय गढ़वाल चित्रकला शैली के रूप में हुआ, उसका श्रेय मुगल वंश के राजकुमार और औरंगजेब के भतीजे सुलेमान शिकोह... Read more
पांच स्त्रियां दुनिया की असंख्य स्त्रियां हैं चंदन सिंह खेतों में उग रही है कपास प्रजननरत हैं रेशम के कीड़े भेड़ नाई के यहाँ जा रही हैं घूम रहा है चरख़ा चल रहा है करघा ख़ूब काते जा रहे हैं स... Read more
भुवन पंत देवभूमि उत्तराखण्ड के वाशिंदे प्रकृति के उपासक रहे हैं । यों तो उत्सवधर्मिता सनातन की संस्कृति रही है, लेकिन देश में मनाये जाने वाले प्रमुख पर्वों के इतर देवभूमि के कुछ अपने विशेष ल... Read more
अपनी तरह के पहले तीन दिवसीय पौड़ी बाल फिल्म महोत्सव का आयोजन पौड़ी ऑडिटोरियम में हुआ, इस महोत्सव की सभी जिम्मेदारियां बच्चों की पौड़ी बाल फिल्म महोत्सव समिति (जिसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों... Read more
हिमांशु जोशी सोशल मीडिया से जकड़ा कोई इंसान अगर देहरादून पहुंच कर परेड ग्राउंड की तरफ रुख करता है तो दून पुस्तकालय के दरवाजे उसके लिए दिन भर खुले रहते हैं। बड़े हॉल, अलमारियों में सजी ढेर सारी... Read more
कृष्ण कान्त एक थे साहिर लुधियानवी, भजन लिखा – तोरा मन दर्पण कहलाए… अल्लाह तेरो नाम ईश्वर तेरो नाम… मन रे तू काहे ना धीर धरे… गंगा तेरा पानी अमृत… ईश्वर अल्लाह त... Read more
संजोग वॉल्टर लखनऊ में जेठ महीने में पड़ने वाले सभी मंगल ‘बडा़ मंगल’ के रूप में मनाए जाते हैं । ‘बडा़ मंगल को दर्शन के लिए लखनऊ में बड़े छोटे सभी हनुमान मंदिरों के कपाट रात में 12 बजे खुल चुके... Read more
भूपेन सिंह जन्म के आधार पर किसी को मिली विशिष्टता पर सवाल उठाया ही जा सकता है पाकिस्तान में पैदा हुए कि हिंदुस्तान में ब्राह्मण में हुए कि शूद्र में साहब के घर हुए कि नौकर के एक असमान दुनिय... Read more































