सेवा में, माननीय प्रधानमंत्री, भारतीय गणराज्य। आदरणीय महोदय, मैं यह पत्र देश के एक जिम्मेदार किन्तु निराश नागरिक के तौर पर आपको लिख रहा हूं। 23 मार्च को आपको लिखे अपने पहले पत्र में, मैंने स... Read more
यह कोरोना वायरस का मौसम है। वसंत नहीं कोरोना ऋतु है। पर घबराने का कोई कारण नहीं। सावधानी बरतनी है। मानवता ने बहुत बार ऐसे संकट झेले है। यह खाली वायरस ही नहीं है पूंजीवाद का संकट भी है। जिस त... Read more
शम्भू राणा लॉकडाउन की उम्र हफ्ता भर हो चली है। सामान्य दिनों में दिनभर आवारागर्दी की आदत रही है। जब लाॅकडाउन की घोषणा हुई तब लगा कि यार, दिन भर अकेले में समय कैसे कटेगा ? क्या करूंगा दिन भर... Read more
राजेन्द्र भटृ नक्कारखाने में तूती – 6 लंबे अंतराल तक किसी अनिष्ट की आशंका जैसी जड़ता-हताशा मन पर छाई थी। मित्र लोगों की प्रेरणा, दिलासों और फिर थोड़ा चिढ़े हुए उलाहनों के बावजूद नहीं टूटी; ... Read more
प्रमोद साह 13 जनवरी 1921 मकर संक्रांति के दिन बागेश्वर के सरयूबगड़ में दस हजार से अधिक आजादी के दीवानों ने गुलामी और कलंक के प्रतीक कुली बेगार के रजिस्टर को सरयू नदी में प्रवाहित कर दिया और फ... Read more
डॉ0 नंद किशोर हटवाल उत्तराखण्ड के लोगों के लिए चन्द्र सिंह राही का अर्थ है एक ऐसी आवाज जिसमें पहाड़ तैरते थे। उनके गले से लहरें उठती थी और उत्तराखण्ड का पहाड़ उसमें समा जाता था। राही के सुरों... Read more
अरुण कुकसाल ‘कल्यो कंडी, बकम डंडी, आ ग्या मंगी नंग्या-नगीं’ नयार पार करते हुए ससुराल से वापस आ रहे व्यक्ति की कल्यो कंडी के साथ-साथ सारी लट्टी-पट्टी बहने की घटना के बाद यह तुकबंद... Read more
इद्रेश मैखुरी वाह फ़ैज़ साहब,क्या कहने आपके. आपकी शायरी,आपकी नज़्में क्या तूफान मचाये हुए हैं. उत्तर प्रदेश में एक ऐसे बुजुर्ग को शांति भंग का नोटिस दिया गया है,जिनका इंतकाल हुए 6 बरस बीत चुके... Read more
केशव भटृ बीते दिन पिंडरघाटी के अंतिम गांव खाती के तारा सिंह उर्फ ‘तरदा’ से मुलाकात हुवी. वो अपनी बिटिया को कॉलेज पहुंचाने के लिए बागेश्वर तक आए थे. क्या हाल हैं गांव के…. प... Read more
मृगेश पाण्डे दो साल पहले अपनी पत्नी मंजुला के हिंदी में शोध साक्षात्कार में प्रोफ़ेसर गंगाप्रसाद विमल के आने की खबर डी एस बी कैंपस में हिंदी विभाग की मुखिया बहिन नीरजा टंडन ने फ़ोन कर बताई... Read more































