प्रमोद साह यूं तो भारत सहित दुनिया की अधिकांश प्राचीनतम सभ्यताएं चीन,मिश्र, यूनान तथा आदिवासी अफ्रीकी समाज में पर्यावरण चेतना का स्तर प्राचीन समय में बहुत ऊंचा था। सभी सभ्यताओं ने प्रकृति को... Read more
शंभू राणा का यह व्यंग्य पहले ‘नैनीताल समाचार’ में प्रकाशित भी हो चुका है। — संपादक शंभू राणा पिछले कुछ दिनों से अखबार में एक खबर बराबर छप रही है और ध्यान खींच रही है । खबर गंगोली... Read more
विनीता यशस्वी कुमाऊं अंचल में रामलीला के मंचन की परंपरा का इतिहास लगभग 160 वर्षों से भी अधिक पुराना है। यहाँ की रामलीला मुख्यतः रामचरित मानस पर आधारित है जिसे गीत एवं नाट्य शैली में प्रस्तुत... Read more
प्रमोद साह पंचायत चुनाव के दौरान प्रख्यात गांधीवादी चिंतक सर्वोदय कार्यकर्ता और बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता 80 वर्षीय धूम सिंह नेगी जी से उनके घर कठिया तोक ग्राम पिपलेथ खाडी़ टिहरी गढवाल में... Read more
पृथ्वी राज सिंह एक समय था हमारे पास फुल टाइम नेता होते थे। एक पधान होता था, एक सरपंच होता था मानो मानद उपाधि हो, व्यक्ति का उपनाम होता था। गांव की राजनीति में वह न तो इस पद से ऊपर जाता था, न... Read more
मृगेश पांडे बृजेंद लाल साह के बहुचर्चित नाटक त्रिशंकु का एक संवाद याद आता है।……सुविधा, अवसर, समझौता, और तटस्थता। जो न चल सका इन चार रास्तों पर वह हो गया त्रिशंकु बन गया। 17 सितम्... Read more
जयसिंह रावत मोहनदास कर्मचन्द गांधी जब अप्रैल 1915 में कुम्भ के अवसर पर गुरुकुल कांगड़ी के संस्थापक मुन्शी राम से मिलने हरिद्वार पहुंचे तो वह इस महान व्यक्तित्व और कुंभ की भव्यता से तो अविभूत... Read more
रमेश कुमार मुमुक्षु जब कभी ग्रामीण विकास के विभिन्न आयामों की चर्चा होती है। ग्रामीण कुटीर उद्योग एवं स्थानीय संसाधन के समझदारी से उपयोग की बात होती है। पर्यावरण एवं प्राकृतिक जीवन की चर्चा... Read more
तारा चन्द्र त्रिपाठी आज अधिकतर छात्र और उससे भी अधिक उसके अभिभावक उनका पाल्य क्या पढे़, अधिकतम अंक कैसे प्राप्त करे, किस संस्थान में विशिष्ट अध्ययन की तैयारी करे और वह किस पद या व्यवसाय में... Read more
अरुण कुकसाल गुरु भवन, पौड़ी के ललित कोठियाल [incor]जी तुम्हें गए आज एक साल हो गया है। ये हमें मालूम था कि तुम कब-कहां चले जाते थे किसी को खबर भी नहीं होती थी। वैसे, तुम बताते भी तो किसको। दु... Read more































