उमा भट्ट
मैत्री महिला संगठन औऱ उत्तराखंड महिला मंच की वरिष्ठ सदस्य कमल नेगी आज प्रातः हम सबको छोड़कर अनंत यात्रा पर चली गई हैं।हालांकि पिछले पांच छह वर्षों से याददाश्त के क्षीण हो जाने के कारण संगठन के कार्यों में उनकी भागीदारी नहीं हो पा रही थी।
उनका जन्म अल्मोड़ा के बिष्ट परिवार में हुआ था। हिंदी साहित्य और अंग्रेजी साहित्य में एम ए करने के बाद कुछ समय तक उन्होंने एडम्स स्कूल में अध्यापन कार्य भी किया था। उनका विवाह बैंक अधिकारी श्री के पी सिंह के साथ हुआ था। विवाह के बाद उन पर पारिवारिक जिम्मेदारियों का बोझ आ गया था। जिस वजह से उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।
1993 में मैत्री महिला संगठन के संस्थापक सदस्यों में वे थीं। मैत्री की स्थापना होते ही संगठन को सक्रिय बनाने में उनकी खास भूमिका थी। उत्तरा महिला पत्रिका से इससे पूर्व उनका परिचय हो चुका था और उन्होंने उत्तरा में नियमित रूप से लिखना शुरू कर दिया था।
कमल नेगी अत्यंत सक्रिय महिला थीं। अन्याय को बर्दाश्त करना उनके बूते के बाहर की बात थी। परिवार में हो या समाज में या प्रशासनिक बेइन्साफी या लापरवाही हो, वे लड़ पड़ती थी। उनके तर्क सबको चुप कर दिया करते थे।उत्तराखंड आंदोलन में वे सक्रिय रही। नैनीताल से बाहर भी आंदोलन के दौरान वे सब जगह जाती रही। कहना चाहिए कि हम सब उनके नेतृत्व में जाते थे। मुजफ्फरनगर कांड हो या गैरसैंण राजधानी का मुद्दा हो, हर कार्यक्रम में कमल नेगी सबसे आगे रहने वालों में थीं।
उनका व्यक्तित्व भी प्रभावशाली था। किसी से डरना नहीं सीखा था उन्होंने। हर किसी को वे डांट सकती थीं। काम किसी रिक्शेवाले का हो या नाववाले का, घरेलू कामगार स्त्री का हो या शहर के किसी सम्भ्रान्त परिवार का, कमल नेगी एक सी तत्परता से जुट जाती थीं। भले ही कितनी ही भागदौड़ क्यों न करनी पड़े।
उनका व्यक्तित्व विद्रोही था। अपने लेखन के माध्यम से उन्होंने उस विद्रोह को आवाज दी थी। मैत्री, उत्तरा महिला पत्रिका और उत्तराखंड महिला मंच तीनो को आगे बढ़ने में कमल दी यानी कमल नेगी का अभूतपूर्व योगदान रहा।
कमल नेगी के निष्क्रिय हो जाने के बाद मैत्री की गतिविधियों में भी शिथिलता आ गई थी। हालांकि उत्तराखंड महिला मंच की सक्रियता बनी रही। उत्तरा ने भी उनकी लेखनी के थम जाने को गहराई से महसूस किया। कमल नेगी जैसी जुझारू महिला को खो कर आज हम निरुपाय हैं। उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता। वे हमारे लिए अजस्र प्रेरणा का स्रोत हैं।

































