अविकल उत्तराखंड
‘अविकल उत्तराखंड’ से साभार
जम्मू कश्मीर के पर्यटक स्थल पहलगाम में बुधवार को हुए आतंकवादी हमले के बाद इसकी तीखी प्रतिक्रिया उत्तराखंड के हिंदूवादी संगठनों की ओर से भी देखने को मिली है। पुष्ट जानकारी के मुताबिक 36 छात्र छात्राएं हिंदूवादी संगठनों की धमकियों के बाद बुधवार रात और शुक्रवार सुबह हवाई, रेल और सड़क मार्ग से राज्य से पलायन कर चुके हैं।
देहरादून में स्थिति वहां से भड़की जब हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड में नेता ललित शर्मा ने सोशल मीडिया पर यह चेतावनी भरा पोस्ट प्रसारित किया, जिसमें वह कश्मीरी छात्र-छात्राओं को चेतावनी भरे अंदाज में यह आगाह कर रहे हैं कि, ”गुरुवार सुबह 10:00 बजे तक शहर छोड़ दो, वरना उनके साथ भी वैसा ही बर्ताव किया जाएगा जैसा कि किया जाना चाहिए”।
हालांकि,पुलिस ने तत्काल सोशल मीडिया से इस पोस्ट को हटवा दिया है। इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, विशेष कर, जहां जम्मू कश्मीर से मुस्लिम छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक है, वहां का दौरा किया और स्कूल प्रबंधन को सख़्त हिदायत दी कि इन छात्रों की हिफाजत का खास ख्याल रखा जाए।
जम्मू कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहामी ने बताया,”देहरादून में वर्तमान में 2000 से अधिक जम्मू कश्मीर के स्टूडेंट यहां अध्यनरत है. मेरी जानकारी के मुताबिक 36 छात्र-छात्राएं हिंदूवादी संगठनों के इन भड़काऊ बयानों की वजह से बीते 24 घंटे में राज्य से अपने घरों के लिए पलायन कर गए हैं।”
डीजीपी दीपम सेठ से हुई बातचीत का हवाला देते हुए स्टूडेंट एसोसिएशन के राष्ट्रीय कन्वीनर ने बताया, “देहरादून के प्रेम नगर, सुद्दोवाला, सेलाकुई, नन्दा की चौकी आदि क्षेत्रों में स्थित शिक्षण संस्थानों के प्रशासन से बातचीत करने के बाद उनको पूरी सुरक्षा देने के लिए आश्वासन दिया गया है”।
एसएसपी ने इसके तत्काल बाद सेलाकुई वह आसपास के क्षेत्र में संबंधित हॉस्टल में संभावित रिहायशी इलाकों का भी तत्काल दौरा किया।
स्टूडेंट एसोसिएशन के राष्ट्रीय कन्वीनर ने बताया,”भड़काऊ बयान के बाद हमारे छात्र कुछ डरे हुए से हैं, सरकार जब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाती और यह आश्वस्त नहीं करती कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी तब तक हमें विश्वास नहीं होगा”।
गौरतलब है कि 2019 में भी पुलवामा हमले के बाद देहरादून से बड़ी तादाद में जम्मू कश्मीर के छात्र-छात्राएं, जो यहां विभिन्न कॉलेजों में पढ़ रहे थे बड़ी संख्या में उनमें से पलायन कर गए थे उसे वक्त यहां कश्मीरी छात्र छात्राओं की संख्या लगभग 5000 के करीब थी जो कि फिर दोबारा कभी इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुई आतंकी घटना के बाद देहरादून में रह रहे कश्मीरी मूल के छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने सभी थाना प्रभारियों व क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में रह रहे कश्मीरी छात्रों से लगातार संपर्क बनाए रखें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
पुलिस की जानकारी के अनुसार, देहरादून जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में इस समय कुल 1201 कश्मीरी छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। सभी छात्रों का विवरण एकत्र कर सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। सुरक्षा के दृष्टिगत बिधोली चौकी में पीजी प्रबंधकों व संस्थानों के साथ गोष्ठी आयोजित कर उन्हें दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही उन स्थानों पर अतिरिक्त पीएसी बल की तैनाती कर दी गई है जहाँ कश्मीरी छात्र-छात्राएं निवासरत हैं। यह बल नियमित रूप से गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर रहा है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर कश्मीर घटना से संबंधित भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्टों पर पुलिस की सख्त नजर बनी हुई है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने अब तक ऐसी 25 पोस्टों को हटवाया है। इसके अलावा, धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के आरोप में एक संस्था के विरुद्ध हेट स्पीच समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

































