हूबनाथ मसखरे ने सोचा ! अनपढ़ राजा ने मसखरे को विश्वविद्यालय का कुलपति बना दिया मसखरे ने विश्वविद्यालय को विदूषकों का कोठा बना दिया विदूषकों ने राजा की बेवकूफ़ियों को पाठ्यक्रम में शामिल किया... Read more
अग्नि उपदेश भिख्खुओ सब कुछ जल रहा है …! मठ जल रहा है सुत्त जल रहे हैं त्रिपिटक जल रहा है जल रहे हैं शब्द अर्थ जल रहे हैं उनके प्रेम जल रहा है,करुणा जल रही है सद्गुण जल रहे हैं, मैत्र... Read more
डॉ विजया सती डॉक्टर स्नेहलता नेगी दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में प्रोफ़ेसर हैं. उनके नाम आदिवासी संसार पर रची गई छः गद्य पुस्तकें प्रकाशित हैं. एक सौ बीस पृष्ठों में 63 कविताएँ... Read more
प्रदीप पाण्डे ‘मेरा ओलियागांव ’ अतीत की यादें ही रह जाती हैं और अपनी किताब ‘मेरा ओलियागांव ’ के माध्यम से हिंदी के ख्यातनाम साहित्यकार शेखर जोशी ने अपनी यादें सांझा की है ,उनकी य... Read more
देवेश जोशी अगर कोई मुझे पूछे कि बच्चों के गीतों और प्रौढ़ों की कविताओं में क्या अंतर होता है तो मैं कहूंगा, वही जो किसी पहाड़ी स्रोत के जल और आर.ओ.के पानी में होता है। पहले पे कोई ठप्पा नहीं... Read more
17 फरवरी 1952 को उत्तराखंड के पौड़ी जिले में जन्मे उमेश डोभाल को एक निर्भीक पत्रकार के रूप में याद किया जाता है. एक पत्रकार होने के अलावा वे अच्छे कवि और सामाजिक कार्यकर्ता भी थे. (Umesh Dobh... Read more































