राहुल कोटियाल पहाड़ की जमीनें बिक जाने का शोर सिर्फ दो दिन तक सीमित रहता है। जबकि जमीनों के बिकने की प्रक्रिया अपनी गति से चलती ही रहती है। इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है कि आखिर बाहर के लोग... Read more
जयप्रकाश पंवार ‘जेपी’ पहाड़ों से पलायन सदियों से अलग-अलग कारणों से होता आया है। पलायन के विविध आयाम हैं। पहाड़ों में जो लोग रह रहे हैं, किसी ज़माने में वो भी किसी अन्य भूभाग से पलाय... Read more
जयसिंह रावत चमोली गढ़वाल स्थित भराड़ीसैण (गैरसैण) में उत्तराखण्ड राजय की शासन-प्रशासन व्यवस्था के लिये कभी सरकार पहुंचेगी या नहीं, यह अभी कहना बहुत मुश्किल है, लेकिन वहां भूमि सौदागर पहले ही प... Read more
विवेकानंद माथने भूमि तो तबसे संकट में है, जबसे मनुष्य अपना नाम लिखकर उसका मालिक बन बैठा। उसने यह मानने से इंकार किया कि मनुष्य के नाते वह भी प्रकृति का हिस्सा है। मनुष्य ने अपनी दुनिया का एक... Read more































