देहरादून होली की शान थे दीवान सिंह कुमैय्या फोटोग्राफर डॉ. अतुल शर्मा हमें प्रसिद्ध फोटोग्राफर स्व.दिवान सिंह कुमैया जी की बहुत याद आती है, खास तौर पर होली के अवसर पर, हम उस समय फालतू लाइन क... Read more
अरुण कुकसाल हम थैं द्यावा होली कू दान, तुम थैं द्ययालू श्रीभगवान ’हमें होली का दान दो, आपको श्रीभगवान देंगे’ देर रात तक तल्ली-मल्ली चामी से हारमोनियम और ढोलक की आवाज हम बच्चों को सुनाई देती... Read more
डॉ मोहम्मद आरिफ़ दीवाली का जश्न पौराणिक के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की विरासत का भी प्रतीक है. शास्त्रों में भी इसे मान्यता भी प्राप्त है और इस त्योहार का मूल तत्व बुराई पर अच्छाई की विजय है.... Read more
संजय चौहान सीमांत जनपद चमोली की नीती घाटी इन दिनों लाता की मां नंदा के लोकोत्सव में डूबी हुई है। चारों ओर मां नंदा के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। नीती घाटी के घर-गाँवों की पगडंडी और चौक... Read more
हरिशंकर परसाई गंगा स्नान ही नहीं, साधारण स्नान के बारे में भी बड़ा अंधविश्वास है । जैसे यही, की रोज़ नहाना चाहिए – गर्मी हो या ठंड । क्यों नहाना चाहिए ? गर्मी में नहाना तो माफ़ किया जा... Read more
66 वर्षीय ज़हूर आलम एक विशिष्ट संस्कृतिकर्मी और ‘युगमंच’ के अध्यक्ष हैं। युगमंच नैनीताल में थिएटर की नर्सरी रही है, जहाँ से दर्जनों लोग राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, फ़िल्म इंस्टीट्यूट... Read more
यह लेख अक्टूबर 2011 में ‘नैनीताल समाचार’ अखबार में प्रकाशित हो चुका है। इसे ‘नैनीताल समाचार’ की वेबसाइट में एक बार पुन: प्रकाशित किया जा रहा है। लेखक: उत्तराखंडवासी, ... Read more
गजेंद्र रौतेला सम्पूर्ण हिमालयी क्षेत्र अपनी विशिष्ट और मौलिक संस्कृति के साथ-साथ भूमंडलीकरण के इस दौर में भी जीवंत लोकोत्सवों के लिए आज भी जाना जाता है।जिनमें से लौ/लय्या की एक खास जगह है।... Read more
चन्द्रशेखर तिवारी उत्तराखंड अपनी निराली संस्कृति के लिए जाना जाता है. यहां के लोक जीवन के कई रंग और कई उत्सव हैं. ऐसा ही एक पारंपरिक उत्सव है घी संक्रांति. उत्तराखण्ड में घी संक्रान्ति पर्व... Read more
बृजमोहन जोशी होली, ऋत परिवर्तन को अभिव्यक्त करने का उत्सव है। कुमाऊँ अंचल में पौष मास को, विशेष रूप से इसके प्रथम रविवार को बहुत ही पवि़त्र माना जाता हैं। लोक देवताओं की पूजा ‘बैसी’ के लिये... Read more































