जवरीमल्ल पारख अभी कुछ दिनों पहले नरेंद्र मोदी सरकार ने गीता प्रेस, गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की है। यह कुछ पुरानी संस्थाओं में से एक है जिसकी स्थापना को सौ साल य... Read more
डॉ विजया सती डॉक्टर स्नेहलता नेगी दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में प्रोफ़ेसर हैं. उनके नाम आदिवासी संसार पर रची गई छः गद्य पुस्तकें प्रकाशित हैं. एक सौ बीस पृष्ठों में 63 कविताएँ... Read more
हेम पंत 1, 2 और 3 सितंबर 2023 को बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, द्वाराहाट में ‘द्वाराहाट किताब कौतिक’ का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 50 प्रकाशकों की 40 हजार किताबें बिक्री... Read more
प्रदीप सिंह सर्व सेवा संघ परिसर पर कब्जा के बाद विनोबा-जेपी की विरासत यानि सर्वोदय प्रकाशन से प्रकाशित 1500 टाइटल की 3 करोड़ से अधिक किताबों को सुरक्षित रखना चुनौती साबित हो रही है। जेल से न... Read more
नवीन जोशी पिथौरागढ़ की इस बार की यात्रा में युवाओं द्वारा संचालित ‘आरंभ’ अध्ययन केन्द्र को करीब से देखने का अवसर मिला। पहले सिर्फ सुना ही था। दो कमरे के एक छोटे से ‘आरंभ’ केन्द्र में साहित्य... Read more
पवन चौहान ‘शैक्षिक दखल’-यह उस पत्रिका का नाम है जो शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर बहुत ही सुंदर तरीके के साथ बेबाकी से बात करती है। इस पत्रिका के प्रकाशन को 12 वर्ष हो चुके हैं, और पत्रिका निरंत... Read more
विनीता यशस्वी कभी-कभी कुछ संयोग ऐसे बनते हैं जो हमेशा के लिये बहुत प्यारी और मीठी यादें दे जाते हैं। ऐसा ही कुछ संयोग 27 तारीख को बना जब अचानक ही बच्चों के एक पुस्तकालय में जाने का मौका मिल... Read more
दिनेश कर्नाटक ‘अमेरिका में मेरे दो वर्ष’ आजीवन गांधीवादी सिद्धांतों पर चलने वाले स्वर्गीय गोपाल दत्त पांडे की सन 1960-61 में अमेरिका में बिताए दो वर्ष की डायरी है। हाल ही में कर... Read more
राजेश जोशी मुझे पहले ही समझ जाना चाहिए था विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में जब ख़ामोशी से पढ़ते हुए छात्रों पर अचानक पुलिस ने लाठियाँ भाँजना शुरू किया और किताबों को फाड़ डाला…. मुझे तो तब... Read more
रमदा पिथौरागढ़ में चल रहा “ शिक्षक-पुस्तक आंदोलन ” कई वजहों से अपने आप में अनूठा है। प्याज़ की मानिंद तमाम परतें हैं उधाड़ते जाइए और उत्तराखंड की उच्च शिक्षा का कच्चा चिट्ठा अपनी पूरी नंगई के... Read more





























