बिपिन जोशी
उत्तराखण्ड की एक खूबसूरत और उर्वरा से भरपूर घाटी है गरूड़ की कत्यूर घाटी। संस्कृति और इतिहास की छाप हर कदम में किसी न किसी रूप में यहां मौजूद है। इसी घाटी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा सराही गई सुप्रसिद्ध पर्यटन नगरी कौसानी और जिला मुख्यालय बागेश्वर के बीच में स्थित है गरुड़ का कस्बा। गढ़वाल के चमोली जनपद से अपनी निकटता के कारण यह नगर स्वतंत्रता के पूर्व से ही व्यापार का एक महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है।
पिछले कुछ दशकों में गरुड़ का बाजार बहुत तेजी से बढ़ा है। अब गरुड़ की आबादी डेढ़ लाख के करीब हो गई है और इसे नगरपालिका का दर्जा मिल गया है। मगर जिस तेजी से गरुड़ में वाणिज्य-व्यवसाय बढ़ा है, उस हिसाब से यहाँ नागरिक सुविधायें नगण्य हैं। बसों और टाटा सुमो टैक्सियों से यहाँ से गुजरने वाले सैकड़ों यात्रियों और बाजार में खरीददारी करने आये आये लोगों की यह भी समझ में नहीं आता कि वे शौच करने भी जायें तो कहाँ जायें।
सामाजिक और राजनैतिक चेतना तो इस नगर से लगभग नदारद है। फिलहाल यहां 6 बीयर बार और 3 सरकारी मदिरालय संचालित हो रहे हैं। मगर पुस्तकालय यहाँ मात्र एक है। यह पुस्तकालय भी गरुड़ की सिविल सोसाइटी ने अपने प्रयासों से स्थापित की है। नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाली सिविल सोसाइटी ने अब इस पुस्तकालय को अत्याधुनिक रूप देने के लिये कमर कस ली है। सोसाइटी का मानना है कि नशे का विकल्प किताबें और पुस्तकालय ही हो सकते हैं।
विगत दिनों एक भेंट वार्ता में सिविल सोसायटी के संयोजक और उत्तराखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता डी के जोशी ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि सिविल सोसायटी गरुड़ अब एक भव्य आधुनिक सुविधा युक्त पुस्तकालय खोलने के लिए प्रतिबद्ध है। सोसायटी नशे के खिलाफ भी जागरूकता अभियान चला रही है।
सोसायटी से जुड़े हरीश जोशी ने बताया कि सिविल सोसायटी को समय-समय पर बहुत से बुद्धिजीवियों ने किताबें दान में दी हैं, जिनसे युवाओं और विद्यार्थियों को खासा लाभ मिलता रहा है। अब सिविल सोसायटी ने पुस्तकालय हेतु सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जन सहयोग एकत्र करने का अभियान छेड़ा है। अधिवक्ता डी. के. जोशी ने बताया कि जनता का अच्छा सहयोग पुस्तकालय अभियान को मिल रहा है। दस हजार पोस्ट सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म में साझा की जा चुकी हैं। आर्थिक सहयोग के लिए सिविल सोसायटी ने क्यू आर कोड भी जारी किया है।

































