कप्तान सिंह
रूल आफ लॉ यानि कानून का शासन । लोकतंत्र का बुनियादी तत्व है । रूल ऑफ लॉ के प्रावधानों को संविधान के अनुच्छेद 13 एवं 14 में मूल अधिकार की श्रेणी में रखा गया , यहां परिभाषित किया गया है कि कानून के सामने हर व्यक्ति समान होगा और कानून समान रूप से सब को संरक्षित करेगा ।
भारत में बडते वी. आई.पी कल्चर के बाद , खुद को कानून से ऊपर समझने की प्रवृत्ति खुद के खास समझने वाले राजनेताओं उद्योगपतियों और बाबाओं में आम हो गई । बाबा रामदेव अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बार-बार ऐसी गलतियां करते हैं अभी कोरोना का हाल में इंदौर में अपनी दवा का बगैर किसी पूर्व अनुमति और प्रक्रिया के क्लिनिकल ट्रायल का प्रकरण समाप्त भी नहीं हुआ कि आज बाबा ने कोविड-19 की दवा निकालने का दवा कर दिया । दावा सच हो सकता है मगर प्रक्रिया त्रुटिपूर्ण है ।
लोक स्वास्थ्य से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए देश में डी .जी .डी.सी आई यानि डायरेक्टर जनरल ड्रग कंट्रोल ऑफ इंडिया मौजूद हैं। वहां से अनापत्ति प्राप्त करने के बाद ही कोई दावा पब्लिक प्लेटफॉर्म में किया जाना था ।लेकिन बाबा को खुद को कानून से ऊपर समझने की बीमारी है ।
इसलिए वह समय-समय पर खुद को और सरकार को मुसीबत में डालते रहते हैं । इस प्रकरण में पहले ही दिन सरकार ने हस्तक्षेप कर सकारात्मक पहल की है ।

































