चन्द्रशेखर तिवारी आम लोगों के संघर्ष, आंदोलन और उनकी शहादत से जन्मा ‘उत्तराखंड’ हमारे देश के राजनैतिक मानचित्र में एक राज्य के रुप में उभरा तो जरुर है परन्तु सामाजिक-आर्थिक दृष्ट... Read more
मनमीत सिंह उत्तराखंड सरकार जल्द ही एक शासनादेश जारी करने वाली है, जिसके बाद 10 हेक्टेयर क्षेत्र तक में घने पेड़ होने के बावजूद उस इलाके को जंगल नहीं माना जाएगा और वन क्षेत्र के दायरे से बाहर... Read more
प्रमोद साह टिहरी जिले के थत्युड ब्लॉक से कोई 10 – 12 किलोमीटर आगे गांव है .देवसारी और मोलधार. यह सुंदर तस्वीरें इसी गांव की हैं।जो बरबस ही आपका ध्यान खिंच लेती हैं। यहां गांव के ठीक पी... Read more
देवेन्द्र मेवाड़ी दिन भर घर-आंगन और फूलों की क्यारियों में भोजन तलाशते सतभय्यों यानी जंगल बैबलर की टोली पश्चिम दिशा से सांझ को उतरते देख, आपस में चुक-चुक-चुक-चुक की अपनी भाषा में घर लौटने की... Read more
जितेन्द्र भट्ट “वी विल वॉचिंग यू”। जब उस बच्ची ने ये बात कही, तो इन छोटे छोटे चार शब्दों की गहराई उसके चेहरे के हावभाव में साफ साफ पढ़ी जा सकती थी। उम्र सोलह साल। बिल्कुल साधारण... Read more
पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने कहा कि हम सामूहिक विनाश की कगार पर हैं जबकि आप पैसों और आर्थिक विकास की काल्पनिक कथाओं के बारे में बातें कर रहे हैं. आपकी ऐसा करने की हिम्मत कैसे हुई? द... Read more
मृगेश पाण्डे गाँधी जयंती पर देश को पॉलिथीन मुक्त करने का सन्देश लालकिले की प्राचीर से देते मोदी बाबा. हिमालय बचाओ पॉलिथीन हटाओ,ग्रेस मार्क्स की जगह ग्रीन मार्क्स की घोषणा करते मानव संसाधन मं... Read more
रमदा “रमदा ” का यह आलेख सितम्बर 2018 में ‘ नैनीताल समाचार ‘ में प्रकाशित हो चुका है। यह आलेख आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है इसलिये इसे वैब साइट में फिर से प्र... Read more
उत्तराखंड के जननायक शमशेर सिंह बिष्ट की 22 सितम्बर 2019 को पहली बरसी है। अपने देहांत से 2 वर्ष पूर्व उन्होंने ‘हिमालय दिवस’ पर यह टिप्पणी की थी। – सम्पादक शमशेर सिंह बिष्ट ‘‘आज हिमाल त... Read more
जगमोहन रौतेला दूध की थैली को प्लास्टिक की थैली में ले जाने वाले , सब्जी लेने बिना झोले के बाजार जाने वाले , टमाटर – धनिया- लहसुन को भी अलग – अलग पौलिथीन में रखवाने वाले , कुरकुर... Read more































