हिमांशु जोशी कोरोना से कई छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया तो लाखों लोग बेरोज़गार गए। कितनों ने भविष्य की चिंता करते-करते आत्महत्या कर ली। हमने अपनी पुरानी गलतियों से न अब सीख ली और न ही पहल... Read more
हिमांशु जोशी पिछले दो हफ़्ते से कोरोना से लड़ाई करते हुए मेरी कलम ने एक शब्द नही लिखा है। यह किसी पत्रकार के लिए कितना मुश्किल है यह तो वही बता सकता है। हालांकि एक कोरोना मरीज़ की डायरी मैं रोज़... Read more
चन्द्रशेखर जोशी कुछ भी बजने से। कूलर की स्पीड फुल थी सो प्रवीण को बुखार आ गया। सुबह सिर दुखे और बदन टूटे, दुकान खोलना मजबूरी थी। शटर उठाते वक्त पड़ोसी लाला जी को स्वास्थ्य की नासाजी का भान ह... Read more
केशव भट्ट गरूड़ से बागेश्वर को आते वक्त मित्र दीपक परिहार ने एक बार बताया कि, ‘वो गोमती नदी के पार जो मैदान है ना वहां एक रिटायर्ड कैप्टन, बच्चों को फौंज में भर्ती होने की नि:शुल्क ट्र... Read more
हिमांशु जोशी आज 30 मई में हिन्दी पत्रकारिता दिवस मनाया जा रहा है। आज ही के दिन पण्डित युगुल किशोर शुक्ल ने 1826 में प्रथम हिन्दी समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन आरम्भ किया था। यह अखबार... Read more
कमलेश जोशी छुआ-छूत को लेकर नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक में घटित घटना के बारे में सुनकर 90 के दशक का एक वाकया याद आ रहा है. उत्तराखंड (तब के उत्तर प्रदेश) के एक छोटे से गॉंव में विश्वम्... Read more
संजीव भगत यह प्रचलित मुहावरा है। देश के कोने-कोने से प्रवासी लोग वापस आ रहे हैं तो उन्होंने बाहर की दुनिया देखी है,जिन्दगी की तमाम तकलीफ़ों और सुख सुविधाओं को नजदीक से महसूस किया है। इन लोगो... Read more
विवेकानंद माथने शायद भारत अब किसानोंका देश नही कहलायेगा। यहां खेती तो की जायेगी लेकिन किसानों के द्वारा नही, खेती करनेवाले कार्पोरेट्स होंगे, कार्पोरेट किसान। पारिवारिक खेती की जगह कार्पोरेट... Read more































