नवीन जोशी सितम्बर 2008 में शेखरदा (प्रोफेसर शेखर पाठक) ने प्रसिद्ध छायाकार एवं पर्वतारोही अनूप साह तथा संवेदनशील छायाकार प्रदीप पाण्डे के साथ उच्च हिमालय के एक दुर्गम मार्ग गंगोत्री-कालिंदीख... Read more
अरुण कुकसाल हिमालय और हिमालयी जनजीवन के एक अध्येता के रूप में चन्द्रशेखर तिवारी लोकप्रिय हैं। उत्तराखण्ड हिमालय के सामाजिक, सांस्कृतिक और यात्रा-लेखन पर उनका लेखन चर्चित रहा है। कुमाऊँ विश्व... Read more
अनिल जोशी अपनी वरिष्ठ सहयोगी रहीं प्रोफेसर दिवा भट्ट का नया उपन्यास ह्रदय को झकझोर गया। शहरीकरण के नित बढ़ते दबाव के बोझ में विलुप्त होते कभी सोना उगलने वाले खेतों की पृष्ठभूमि में रची यह कर... Read more
प्रतुल जोशी कोई भी पुत्र अपने पिता को जन्म से ही जानता है। पिता यदि एक साधारण गृहस्थ हो तो उन्हें जानना भी आसान हो सकता है लेकिन पिता ने यदि अपने जीवन में कुछ असाधारण किया होतो कई बार पिता क... Read more
नवीन जोशी भूपेंद्र बिष्ट की कविताएं पढ़ते हुए मीठी ‘नराई’ घेर लेती है। वे बहुत सारी चीजें जो हमसे छूट गई हैं और अब भी छूटती चली जा रही है, मन को विह्वल भी करने लगती हैं। गांवों-कस... Read more
उमा भट्ट यह तो सर्वविदित ही है कि वैश्वीकरण के इस दौर में संसार की कई भाषाएं विलुप्ति के कगार पर हैं। ऐसे में उत्तराखण्ड की भाषाएं भी अपने समाज तक सीमित होती जा रही हैं। इन्हीं में से एक विल... Read more
गुरप्रीत कौर कक्षा- 12वीं, नानकमत्ता पब्लिक स्कूल कुछ फीट की दूरी पर दो डंडे लगा उनमें रस्सी बांधना और फिर उस रस्सी पर किताबें लटका कर उस जगह को सजाने की कोशिश करना, नानकमत्ता पब्लिक स्कूल... Read more
डॉ. योगेश धस्माना दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सहयोग से डॉ. गिरधर पण्डित द्वारा लिखित पुस्तक ‘टिहरी की जनक्रांति ‘ का लोकार्पण इतिहासकार और लेखक पद्रश्री प्रो. शेखर पाठक द्... Read more
अखिल मित्तल ‘राग दिल्ली’ से साभार राजेन्द्र भट्ट की पुस्तक का यह शीर्षक सुखद लगा। यह विश्व प्रसिद्ध आह्वान गीत ‘वी शैल ओवरकम’ की पंक्तियों से प्रेरित है। हिन्दी के प्रतिष्ठित कवि गिरिजाकुम... Read more
हेम पंत नई पीढ़ी में “पढ़ने लिखने की संस्कृति“ को बढ़ावा देने और उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को प्रचारित – प्रसारित करने के उद्देश्य से “क्रिएटिव उत्तराखंड संस्था“ द्वारा चलाए जा रहे “किता... Read more































