अनिल अश्विन शर्मा आप गंगा नदी का स्वरूप बचाने के लिए 5वीं बार अनशन कर रहे। कब अहसास हुआ कि गंगा का स्वरूप बिगड़ रहा है? मुझे लगता है कि समय बीतने के साथ धीरे-धीरे गंगा के बारे में सरकार का,... Read more
मृगेश पांडे बृजेंद लाल साह के बहुचर्चित नाटक त्रिशंकु का एक संवाद याद आता है।……सुविधा, अवसर, समझौता, और तटस्थता। जो न चल सका इन चार रास्तों पर वह हो गया त्रिशंकु बन गया। 17 सितम्... Read more
रमेश कुमार मुमुक्षु जब कभी ग्रामीण विकास के विभिन्न आयामों की चर्चा होती है। ग्रामीण कुटीर उद्योग एवं स्थानीय संसाधन के समझदारी से उपयोग की बात होती है। पर्यावरण एवं प्राकृतिक जीवन की चर्चा... Read more
मुजफ्फरनगर नगर कांड उत्तराखंड राज्य की एक दुःखती रग है। राज्य आन्दोलन के दौरान ही नहीं, राज्य बन जाने के कई साल बाद तक हमारी पीढ़ी के आन्दोलनकारी यह कहते थे कि यदि मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों... Read more
विनीता यशस्वी 2 अक्टूबर 1994 का मुजफ्फरनगर कांड स्वाधीन भारत के इतिहास में एक कलंक है। ब्रिटिश शासन के दौरान हुए जलियाँवाला बाग के हत्याकांड से ही इसकी तुलना की जा सकती है। उस रोज एक पृथक रा... Read more
जितेन्द्र भट्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बातों पर दाद हर किसी को देनी चाहिए। पहली, वो जबरदस्त भाषण देते हैं। दूसरा, वो कोई भी बात पूरे आत्मविश्वास के साथ कहते हैं। एक बड़े नेता ने कभी... Read more
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए खटीमा गोली कांड के बाद छपी यह रिपोर्ट ‘नैनीताल समाचार’ के 15-30 सितम्बर के अंक में प्रकाशित हुई थी। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की 25वीं बरसी पर आज इसे एक ब... Read more
विनीता यशस्वी 1 सितंबर 1994 का ही वो काला दिन था जब हजारों आंदोलनकारी उत्तराखण्ड राज्य की मांग को लेकर खटीमा की सड़कों पर उतरे। जब वह शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे उस समय अचानक उनके ऊप... Read more































