रमदा पिथौरागढ़ में चल रहा “ शिक्षक-पुस्तक आंदोलन ” कई वजहों से अपने आप में अनूठा है। प्याज़ की मानिंद तमाम परतें हैं उधाड़ते जाइए और उत्तराखंड की उच्च शिक्षा का कच्चा चिट्ठा अपनी पूरी नंगई के... Read more
पुरुषोत्तम शर्मा पुस्तक समीक्षा 1920 से 1928 के बीच अवध के दो महान किसान नेताओं बाबा रामचंद्र और मदारी पासी के नेतृत्व में चले किसान संघर्षों के बारे में एक किताब को देखना और पढना मेरे जैसे... Read more
डा० राजेन्द्र कुकसाल आजकल सोशियल मीडिया में राज्य में उत्पादित फलौ के प्रशसंकरण की चर्चा जोरों में है कोई प्रौसेशिगं यूनिट लगाने की बात कर रहा है तो कोई शराब की फैक्ट्री में राज्य के उत्पाद... Read more
केशव भटृ पुलिस कर्मचारियों के परिवार समेत उनकी खुद की परेशानियों की एक मार्मिक पोस्ट पढ़ने को मिली. कई सारे सवाल इस आजाद हिंदुस्तान में इस पोस्ट के माध्यम से उठाए गए हैं. आजाद हिंदुस्तान के... Read more
डाॅ अरुण कुकसाल ‘शिक्षा के सवाल’ पुस्तक उस सजग और संवेदनशील शिक्षक की है जो शैक्षिक दायित्वों को निभाते हुए हमेशा अनेकों सवालों से अपने को घिरा महसूस करता है। उसे यह बात हर समय कटोचती... Read more
मृगेश पाण्डे आर्थिक समीक्षा में देश की अर्थव्यवस्था में बदलाव के तमाम नुस्खे, टोने-टोटके, तंत्र मौजूद हैं। समाधान के उपाय और अनुष्ठान भी। इस कर्मकांड में एक ओर मौजूद रहते हैं वह तमाम मात्रात... Read more
त्रेपन सिंह चौहान के दो बेहद पठनीय उपन्यासों, ‘यमुना’ और ‘हे ब्वारी’ में उत्तराखंड राज्य आन्दोलन की पृष्ठभूमि, 1994 के ऐतिहासिक राज्य आन्दोलन और उसमें हुए दमन, उत्तराखंड राज्य के गठन और राज्... Read more
अरुण कुकसाल मित्र, त्रेपन सिंह चौहान की छवि मेरे मन-मस्तिष्क में ‘विश्व प्रसिद्ध साहित्यकार हावर्ड फास्ट के नायक ‘स्पार्टकस’ की तरह है जो कि सामाजिक-राजनैतिक सत्ता के अन्याय के विरुद्ध हमेशा... Read more
सी एम पपनैं नई दिल्ली, 17 जुलाई। देश का सबसे प्रतिष्ठित ‘संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप सम्मान’ 2018 उत्तराखंड के ख्याति प्राप्त नाट्य समीक्षक दीवान सिंह बजेली को व गायन के क्षेत्र मे... Read more































