कार्यालय प्रतिनिधि
देहरादून से
अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले के विरोध में , आज देहरादून में गांधी पार्क मुख्य द्वार पर (सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में नव गठित Sonam Vangchuk Rihai Manch से और उत्तराखंड इंसानियत मंच से जुड़े जनसंगठनों के साथियों की पहल पर ) आयोजित किया गया I जिसमें बड़ी संख्या में कई अन्य संगठनों व राज नैतिक दलों के प्रतिनिधि व शहर के जाने माने जागरूक लोगों ने भी भाग लिया l
आज यह प्रदर्शन स्वतंत्र युवा पत्रकार – उत्तराखंड के लोकप्रिय बारामासा यू ट्यूब चेनल के राहुल कोटियाल की आवाज़ को भी दबाने और उनके संभावित उत्पीड़न की हालिया शुरू की गई सरकारी साजिशों के तात्कालिक विरोध में आयोजित किया गया था जिसमें स्वाभिमान मोर्चा, समानता मंच, संवेदना, कार्लोस,स्त्री-मुक्तिलीग, IPTA , भारत ग्यान विज्ञान संगठन, दून सिटीजन फोरम, सिटीजन फोरम फॉर ग्रीन दून , पूर्व सैनिक संगठन , INDP , पहाड़ स्वाभिमान सेना, DYO , HUM , नौजवान भारत सभा के प्रतिनिधियों व उत्तराखंड महिला मंच की कार्यकर्ताओं के अलावा Congress , CPI , CPM , CPI ML , समाजवादी पार्टी के नेतृत्वकारी भी इस आयोजन में शामिल रहे l उक्त के अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी व कई पत्रकार साथियों ने भी इस प्रदर्शन में पहुंच कर अपने पत्रकार साथी राहुल के साथ अपनी एकता एवं अभिव्यक्ति की आजादी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया l
कार्यक्रम का आरंभ सतीश धौलाखण्डी, त्रिलोचन भट्ट एवं इंद्रेश मैखुरी के जन गीतों से हुआ I सभा का संचालन कमला पंत के द्वारा किया गया l
सभा में वक्ताओं ने जिस तरह से देश मे सत्ता के द्वारा विरोधियों के दमन के साथ ही साथ अभिव्यक्ति की आजादी पर भी हमले तेज होते जा रहे हैं, उस पर अपनी गहरी चिंता जताई l जिस तरह से अपने कार्यों से सुविख्यात सोनम वांगचुक जैसी हस्ती को जनता की आवाज को अहिंसक सत्याग्रह के जरिए उठाने पर उन पर देश द्रोह का आरोप लगा कर गिरफ्तार किया हुआ है, अब उसी तरह से यहां पत्रकार राहुल कोटियाल की आवाज को दबाने की कोशिशें की जा रही है I इससे पहले पत्रकार त्रिलोचन भट्ट पर भी सत्ता के एजेंटों द्वारा अनर्गल आरोप लगा कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई l वक्ताओं का कहना था कि सरकार की नजर में अब सरकार की काली करतूतों को, सच्चाई को उजागर करने वाले उनके दुश्मन हैं, जबकि पत्रकार का तो यही दायित्व है कि वह लोकहित मे सरकार और जानता के सामने सच्चाई को उजागर करे I वक्ताओं का कहना था कि आज सरकार में बैठे नेतागणों के कारनामों को देखते हुए अब यह साफ़ नजर आता है कि ये सभी निजी स्वार्थ में भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं I इसीलिए सत्ता सीधे सीधे तानाशाही हिटलर शाही की ओर जा रही है I वक्ताओं का कहना था कि यदि एकजुट हो कर अभी से हम अभिव्यक्ति की आजादी के लिए संघर्ष पर न उतरे तो देश मे धीरे-धीरे व्यक्ति की स्वतंत्रता ही खत्म हो जाएगी I
सभा के समापन पर Sonam Wangchuk Rihai Manch की ओर से यह आव्हान किया गया कि 26 अक्टूबर को श्री वांगचुक की गिरफ्तारी को 1 माह पूरा हो जाएगा इसलिए यहां पर ही उस दिन आयोजित होने वाले विशाल उपवास धरना प्रदर्शन मे अधिक से अधिक संख्या मे अपने साथियों के साथ पहुंचे I अंत मे त्रिलोचन भट्ट जी द्वारा Rahul Kotiyal जो इस समय दिल्ली मे हैं के वहां से भेजे संदेश को पढ़ा गया जिसमें उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी को बचाने की अलख जलाए रखने की अपील करते हुए, सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया l
आज के इस प्रदर्शन मे मुख्य रूप से, सर्व श्री सुरेंद्र पाँगति, मोहित डिमरी , अनीश लाल, राजेश सकलानी, कविता कृष्ण पल्लवी,भूपाल , पंकज उनियाल, दीपू सकलानी, जग मोहन mehdiratta , gunanand jakhmola , समदर्शि बढ़थवाल, हरिओम पाली, डा.उमा भट्ट, जबर पावेल, रमना , शिवानी पांडे,निर्मला बिष्ट , पद्मा गुप्ता, विमला, रवीन्द्र गुसाई , हरीश बिष्ट, कमल देवराडि, इंद्रेशनोटियाल ,कमलेश खंतवाल, अपूर्व, राजू सिंह, प्रदीप सती, उक्त के अलावा राजनीतिक नेतृत्वकारी, सुजाता पॉल ( कांग्रेस)इंद्रेश मैखुरी ( CPI ML) समर भंडारी ( CPI ) SN Sachan ( समाजवादी पार्टी) ने भी विशेष भागीदारी दी l

































