जय सिंह रावत
कोटद्वार, 19 मई । कर्मभूमि फाउंडेशन, उत्तराखंड की ओर से आयोजित एक समारोह में पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पंडित भैरवदत्त धूलिया तृतीय स्मृति पुरस्कार से वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश गैरोला “पहाड़ी” को नवाज़ा गया।
रविवार शाम आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद विधानसभा अध्यक्ष, उत्तराखंड श्रीमती ऋतु भूषण खंडूड़ी के हाथों उनको शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और प्रशस्ति-पत्र के साथ ही पुरस्कार स्वरूप एक लाख की धनराशि प्रदान की गई। इससे पूर्व, हिंदी फिल्म उद्योग के जाने-माने निर्माता एवं निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने पहाड़ी जी के सम्मान में प्रशस्ति-पत्र पढ़ा।
रमेश पहाड़ी उत्तराखंड के वरिष्ठतम पत्रकारों में से एक हैं। उनकी जनपक्षीय पत्रकारिता का लाभ तो उत्तराखंड को मिलता ही रहा साथ ही एक एक्टिविस्ट, सामाजिक चिंतक और पर्यावरणवादी के रूप में भी समाज लाभान्वित होता रहा। चमोली गढ़वाल के पोखरी ब्लॉक के मूल निवासी पहाड़ी जी प्रख्यात पर्यावरणविद पदम्भूषण चंडी प्रसाद भट्ट के करीबी सहयोगी रहे हैं । इसे संयोग ही कहें कि महान स्वतंत्रता सेनानी और उत्तराखंड की पत्रकारिता स्तम्भों में से एक पंडित भैरव दत्त धूलिया की स्मृति में दिया जाने वाला पहला पुरस्कार भी चमोली के पोखरी ब्लॉक के मूल निवासी जयसिंह रावत को मिला था। पहाड़ी जी पत्रकारिता के क्षेत्र में जयसिंह के प्रेरणा श्रोत रहे हैं ।
गौर तलब है कि कर्मभूमि फाउंडेशन, उत्तराखंड ने फरवरी 2023 में निर्णय लिया था कि वह हर वर्ष पंडित भैरव दत्त धूलिया के नाम से ‘पत्रकार पुरस्कार’ से एक पत्रकार को सार्वजनिक समारोह में सम्मानित करेंगे। इस पुरस्कार का नाम ‘पंडित भैरव दत्त धूलिया पत्रकार पुरस्कार’ होगा, इस पुरस्कार मंे 1,000,00/- (एक लाख रुपए) की धनराशि, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल भेंट किया जाएगा। हर वर्ष यह कार्यक्रम मई माह में आयोजित होगा।
इस पुरस्कार के प्रथम पुरस्कार विजेता थे श्री जय सिंह रावत जिन्हे, मुख्य अतिथि श्री चंडी प्रसाद भट्ट द्वारा 18 मई 2023 को देहरादून में सम्मानित किया गया। द्वितीय पुरस्कार श्री राजीव लोचन साह को मुख्य अतिथि प्रोफेसर शेखर पाठक द्वारा 19 मई 2024, लैंसडौन में समारोह में दिया गया।
श्री भैरव दत्त धूलिया उत्तराखंड के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में गिने जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई और कई वर्षों तक जेल में रहकर संघर्ष किया। वर्ष 1939 में उन्होंने अपने सहयोगी भक्त दर्शन सहित ‘कर्मभूमि’ साप्ताहिक समाचार पत्र की स्थापना की। इसके बाद वर्ष 1988 तक वह इस पत्र का स्वतंत्र रूप से संपादन करते रहे। ‘कर्मभूमि’ अपने निर्भीक, निष्पक्ष और स्वतंत्र संपादकीय लेखन के लिए व्यापक रूप से प्रसिद्ध था। यह समाचार पत्र उस दौर में गढ़वाल क्षेत्र की प्रभावशाली आवाज बन गया था। श्री धूलिया भले ही कांग्रेस से जुड़े स्वतंत्रता सेनानी रहे हों, लेकिन वर्ष 1967 में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव एक स्वतंत्र (निर्दलीय) प्रत्याशी के रूप में लड़ा और विजय हासिल की। यह पुरस्कार (या सम्मान) उनकी विचारधारा, स्वतंत्र सोच, और समाज के प्रति उनके योगदान को समर्पित एक सच्ची श्रद्धांजलि है।

































