सी एम पपनैं सु-विख्यात पर्यावरण विद स्व. सुंदरलाल बहुगुणा की प्रेरणा से संग्रामी श्रीदेव सुमन के जन्मदिवस के पावन अवसर पर वर्ष 1974 से निरंतर प्रति दस वर्षो बाद सुप्रसिद्ध ‘अस्कोट-आराकोट यात... Read more
कला दर्पण नाट्य संस्था द्वारा ‘आछरी’ नाटक का मंचन टाउन हाल के प्रेक्षागृह में किया गया। नाटक में पहाड़ की महिलाओं की पीड़ा, उनका संघर्ष और उनके अधिकारों की कहानी को दिखाया गया। यह... Read more
हिमांशु जोशी 18 दिसम्बर को नैनीताल में रंगमंच ‘युगमंच’ द्वारा गिरीश तिवारी गिर्दा द्वारा लिखे गए नाटक ‘नगाड़े खामोश हैं’ का मंचन किया गया। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एन... Read more
रमेश कुरियाल आज़ादी के अमृत महोत्सव के मौक़े पर नाटक ‘मुखजात्रा’ का मंचन टिहरी जनक्रान्ति का एक अनूठा उदाहरण है। रविवार को प्रमुख वन संरक्षक वन पंचायत ज्योत्स्ना सितलिंग ने दीप प्रज्वलित कर का... Read more































