दिल्ली-सिंघु बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों के मंच को निहारता एक किसान। फोटो : धनंजय रिचर्ड महापात्रा/राजू सजवान किसान संगठनों का कहना है कि तीनों कानूनों के माध्यम से सरकार कृषि क्षेत्र से... Read more
राजीव लोचन साह पिछले दिनों बने तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में हो रहे किसान आन्दोलन के तहत राजधानी दिल्ली के घेराव को लगभग एक महीना होने को आ रहा है। कड़कड़ाती ठंड में लगभग दो दर्जन किसान अप... Read more
तारा चन्द्र त्रिपाठी उसके देशी और विदेशी व्यापार पर कोई प्रतिबन्ध नहीं। सब कुछ लाला के अधिकार में। किसान अपने उत्पाद को कहीं भी बेचने के लिए स्वतंत्र। कितना लुभावना कानून बनाया है मोदी सरकार... Read more
विवेकानंद माथने केंद्र सरकार भारत की खेती को पूरी तरह से कारपोरेट्स के हवाले करने का काम कर रही है। उसके लिये नीतियां और कानून में बदलाव किये जा रहे है। कॉन्ट्रैक्ट खेती के द्वारा कृषि उत्पा... Read more
प्रभात डबराल अरे भाई, किसे बेवक़ूफ़ बना रहे हो कि किसान अब जहां चाहे जाकर अपना माल बेच सकता है… कितने किसान हैं जो अपना उत्पाद लेकर चार पाँच सौ किलोमीटर दूर उस बाज़ार में ले जाएँगे जहा... Read more
जगमोहन रौतेला किसानों द्वारा आन्दोलन के चौथे दिन 29 नवम्बर को केन्द्र सरकार के सशर्त बातचीत के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिए जाने के बाद आन्दोलन के लम्बा खींचने के आसार बन रहे हैं । किसान लगाता... Read more
जगमोहन रौतेला किसानआन्दोलन के तीसरे दिन की खबरें आज 29 को हिन्दी अखबारों अमृत विचार , अमर उजाला , हिन्दुस्तान , दैनिक जागरण और राष्ट्रीय सहारा ने किस तरह से समाचारों को प्रकाशित कियाऔर उनक... Read more
जगमोहन रौतेला किसान आन्दोलन के दूसरे दिन के समाचारों की कवरेज में आज 28 नवम्बर को अमृत विचार , हिन्दुस्तान , अमर उजाला व दैनिक जागरण अखबारों की स्थिति मुख्य समाचार के लिहाज पहले दिन वाली ही... Read more
पुरुषोत्तम शर्मा पुस्तक समीक्षा 1920 से 1928 के बीच अवध के दो महान किसान नेताओं बाबा रामचंद्र और मदारी पासी के नेतृत्व में चले किसान संघर्षों के बारे में एक किताब को देखना और पढना मेरे जैसे... Read more































