राहुल कोटियाल ‘मैं सोने जा रहा हूं. कल सुबह अगर तुम्हें श्रीनगर में भारतीय सैनिक विमानों की आवाज़ सुनाई न दे, तो मुझे नींद में ही गोली मार देना.’ यह बात 75 साल पहले, 26 अक्टूबर 1947 की रात जम... Read more
पांचवीं क़िस्त : क्या चल रहा है घाटी के अल्पसंख्यकों (कश्मीरी पंडित, सिख और बकरवाल-गुर्जर) के मन में
370 हटाने के निर्णय से कश्मीर घाटी में बसी ज्यादातर अक़लियतों को भविष्य की एक नई राह खुलती नज़र आ रही है. राहुल कोटियाल उत्तर कश्मीर के बारामुला शहर में जो चुनिंदा दुकानें खुली हैं उनमे से ए... Read more
लोग घरों में दुबके रहे, सेना सड़कों पर गश्त लगाती रही और ईद बिना जश्न के बीत गई. राहुल कोटियाल इस ईद की सुबह पूरे कश्मीर में उसके इतिहास के सबसे मजबूत कर्फ्यू के साथ हुई. तड़के ही कश्मीर की स... Read more































