इन्द्रेश मैखुरी मेरी प्यारी सरकार,ठंड की मारी सरकार,प्रचंड बहुमत से जीती, लेकिन ठंड से हारी सरकार ! हाय,हम पहाड़ वासी तो पलक पांवड़े बिछाये हुए थे कि तुम अब आओगे, हमारे दर कि तब आओगे ! पर तुम्... Read more
जगमोहन रौतेला कभी हल्द्वानी में दो सौ मीटर की पदयात्रा तो अब गैरसैंण में तीन घंटे का उपवास । सत्ता से बाहर हो जाने पर भी जनता व मुद्दों से छन करना नहीं छोड़ा । इन्हीं हरकतों से पता चलता है... Read more
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