कल उत्तराखंड के जननायक शमशेर सिंह बिष्ट की पहली बरसी है. पिछले बरस 22 सितम्बर के दिन उनका देहांत हुआ था. इस अवसर पर उनके सभी संगी साथियों और प्रशंसकों द्वारा अल्मोड़ा में शमशेर स्मृति कार्यक्... Read more
गोविन्द पंत ‘राजू’ अल्मोड़ा में विश्वविद्यालय परिसर के लिए उतरने वाली पगडंडी के ठीक ऊपर एक छोटा सा बोर्ड लगा होता था। चेतना प्रिटिंग प्रेस। चेतना प्रिटिंग प्रेस एक प्रेस से कहीं अधिक युवाओं क... Read more
नवीन जोशी शमशेर का होना उत्तराखण्ड में विश्वसनीय प्रतिरोधी स्वर का होना था। वह बाकी देश में उत्तराखण्ड की आंदोलनकारी चेतना का चेहरा भी था। उसने अपने छात्र जीवन से पहाड़ को जानने-समझने के यत्न... Read more
एक वर्ष पूर्व उत्तराखंड के जन नायक डाॅ. शमशेर सिंह बिष्ट की पहली बरसी है। 22 सितम्बर 2018 को एक लम्बी बीमारी के बाद वे इस दुनिया को अलविदा कह गये थे। उनकी बरसी को उत्तराखंड के और देश भर के स... Read more
कमल जोशी अगस्त क्रान्ति दिवस पर अल्मोड़ा राजकीय जिला चिकित्सालय परिसर में पंडित हरगोविन्द पन्त की मूर्ति के लोकापर्ण के बहाने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के जननायक को याद किया गया। समारोह में इति... Read more
(‘जर्नल ऑफ़ एशियन स्टडीज’ मे प्रकाशित संजय जोशी के रिसर्च पेपर ‘जूलियट गौट इट रौंग –कन्वर्जन एंड द पॉलिटिक्स ऑफ़ नेमिंग इन कुमाऊं 1850-1930’ के आधार पर.) उन्नीसवीं शताब्दी के अंतिम और बीसवीं... Read more
यूं तो एक चित्रकार को समझने बूझने के लिए उसके कैनवास के भीतर ही झांकना होगा लेकिन एक चित्रकार के भीतर के कलाकार की समग्र गहराई को सिर्फ कुछ कैनवास देखकर समझ पाना मुश्किल है। इसकी दो वजहें है... Read more































