– योगेंद्र कृष्णा हत्यारे जब बुद्धिजीवी होते हैं वे तुम्हें ऐसे नहीं मारते बख्श देते हैं तुम्हें तुम्हारी जिंदगी बड़ी चालाकी से झपट लेते हैं तुमसे तुम्हरा वह समय तुम्हारी वह आवाज तुम्ह... Read more
राजेश प्रियदर्शी डिजिटल एडिटर, बीबीसी हिंदी ख़ुद को तार्किक, पढ़ा-लिखा और समझदार मानने वाले पत्रकारों-विश्लेषकों-बुद्धिजीवियों को नरेंद्र मोदी की जीत ने सकते में डाल दिया है. मोदी को मिली इस... Read more
इन्द्रेश मैखुरी उत्तराखंड में 2017 में जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई और त्रिवेन्द्र रावत मुख्यमंत्री बनाए गए तो उन्होंने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर चले... Read more
रविश कुमार 23 मई 2019 के दिन जब नतीजे आ रहे थे, मेरे व्हाट्सएप पर तीन तरह के मैसेज आ रहे थे. अभी दो तरह के मैसेज की बात करूंगा और आख़िर में तीसरे प्रकार के मैसेज की. बहुत सारे मैसेज ऐसे थे क... Read more
महेंद्र पाण्डेय, वरिष्ठ लेखक तमाम सरकारी संस्थान जो आज नदी की सफाई कर रहे हैं, वही हैं जो 1986 से इसकी सफाई करते आ रहे हैं और मालामाल होते जा रहे हैं। आखिर गंगा साफ़ हो जायेगी तो माल कहाँ से... Read more
अरे कौन बच्चा है ये – इत्ती सी पोशाक में? इस नन्हे बालक का अडोल्फ़ नाम है – हिटलर दम्पत्ति का छोटा बेटा! वकील बनेगा बड़ा होकर? या वियेना के ऑपेरा हाउस में कोई गायक? ये बित्ते से... Read more
मानवाधिकारों से जुड़े समूह पीपुल्स कमीशन ऑन श्रिंकिंग डेमोक्रेटिक स्पेस ने देश में शिक्षा व्यवस्था का हाल जानने के लिए 17 राज्यों में 50 शैक्षणिक संस्थानों के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से बा... Read more
हरिश्चन्द्र चंदोला अब जब दिवंगत नेताओं की कथाएं छपने का ट्रेंड चला है तो मैं भी उनमें एक जोड़ने का प्रयास करता हूँ। यह नारायण दत्त तिवाड़ी जी से संबंधित है, जिनके पुत्र रोहित की दिल्ली में हत्... Read more
रूपेश कुमार सिंह उत्तराखण्ड पुलिस राज्य में माओवाद का हौव्वा बनाये रखना चाहती है। हर प्रगतिशील, सामाजिक कार्यकर्ता, वामपंथी सोच का व्यक्ति उसे माओवादी नजर आता है। सिडकुल में श्रमिक आन्दोलन क... Read more
पृथ्वी लक्ष्मी राज सिंह पकोडे़ का नहीं हुआ तो क्या! पहाड़ तो हुआ – हाईकोट हुआ, रोड़ से हुआ – विकास हुआ, उकाव हुआ – हुलार हुआ, बस थोड़ी सी दूर गांव हुआ – उसके फलांग भ... Read more































