प्रमोद साह यूं तो भारत और चीन के मध्य दुर्गम और विस्तृत खुली सीमा 3484 कि .मी. की है जिसमें रोज ही सीमा का दो तरफा उल्लंघन होता ही रहता है ।जिनका समाधान या तो बॉर्डर मैनेजमेंट कमेटी अथवा सैन... Read more
योगेश भट्ट पूरी दुनिया जब बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है तो ऐसे में उत्तराखंड की तस्वीर भी बदल रही है। जिस पहाड़ से हर रोज औसतन 165 लोग पलायन कर रहे थे, आज हर दिन वहां हजारों लोगों की घर वाप... Read more
कमलेश जोशी छुआ-छूत को लेकर नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक में घटित घटना के बारे में सुनकर 90 के दशक का एक वाकया याद आ रहा है. उत्तराखंड (तब के उत्तर प्रदेश) के एक छोटे से गॉंव में विश्वम्... Read more
चन्द्रशेखर तिवारी सत्तर के दशक में लखनऊ के आकाशवाणी केन्द्र से पर्वतीय इलाके के लोगों लिए एक कार्यक्रम प्रसारित होता था उत्तरायण। यह कार्यक्रम तकरीबन एक घण्टे चला करता था। तब उत्तरायण के माध... Read more
सुभाष गोला उत्तराखण्ड के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के फोरम, “रचनात्मक शिक्षक मण्डल”ने लॉकडाउन के दिनों में स्कूली बच्चों की रचनात्मकता को विकसित करने के लिए ,”जश्न ए ब... Read more
डॉ चन्द्र शेखर जोशी पर्वतीय उत्तराखंड यानि उत्तराखंड राज्य का ८६ प्रतिशत भू भाग,राज्य की ४०-४५ प्रतिशत आबादी,१३ में से १० ज़िले मतलब यह वह क्षेत्र है जिसकी समस्याएँ नया राज्य बनने के बावजूद... Read more
सुशील उपाध्याय अब से दो महीने पहले सामाजिक स्तर पर कोरोना को लेकर जो डर मौजूद था, वह डर अब नहीं दिखाई दे रहा है। विरोधाभासी बात यह है कि एक ओर कोरोना पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ रही है और दूस... Read more
अशोक पाण्डे नैनीताल को अपने बोर्डिंग स्कूलों और उनके बीच चलने वाली स्पोर्ट्स प्रतिस्पर्धाओं के लिए भी जाना जाता था. शहर के इकलौते मैदान यानी फ्लैट्स में साल भर चलने वाली खेल प्रतियोगिताओं... Read more
ऐसी कोई भी बात को जो लॉकडाउन और वैक्सीन की आवश्यकता को कम करके बताए, वह या तो सोशल-मीडिया से गायब हो गई, या फिर उनकी रीच खत्म कर दी गई, क्यों हो रहा है ऐसा और सूचना प्रौद्योगिकी के दैत्यों न... Read more
देवेश जोशी शेरदा अनपढ़। उत्तराखण्ड के एक ऐसे कवि जिसे काव्यकर्म के लिए किसी पढ़ाई-लिखाई की जरूरत न थी। फिर भी समाज और परिवेश को पढ़ने में वो नम्बर वन थे। लोग उनकी पढ़ाई-लिखाई पर सवाल उठाएँ इस... Read more































