सी एस कार्की “संघर्षों के लिए समर्पित था ‘उत्तराखण्ड संघर्ष वाहिनी” सत्तर का दशक देश में परिवर्तन के लिए बेताबी का दशक था। देश में राजनैतिक एवं सामाजिक परिवर्तन के ल... Read more
गोविन्द पंत ‘राजू’ अल्मोड़ा में विश्वविद्यालय परिसर के लिए उतरने वाली पगडंडी के ठीक ऊपर एक छोटा सा बोर्ड लगा होता था। चेतना प्रिटिंग प्रेस। चेतना प्रिटिंग प्रेस एक प्रेस से कहीं अधिक युवाओं क... Read more
रवीश कुमार किसान भाइयों आज आपकी आज़ादी का दिन है। सरकार ने इसकी घोषणा की है। 2017 में जीएसटी आई थी तो ऐसी ही एक आज़ादी का एलान हुआ था। 2016 मे जब नोटबंदी आई थी तब भी एक आज़ादी की घोषणा की गई... Read more
देवेश जोशी कम से कम उत्तराखंड में तो यही माना जा रहा है। और मानें भी क्यों नहीं। आखिर उसकी एक बेटी जो चुनी गयी है प्रमुख उद्घोषक। ये बेटी है, तान्या पुरोहित। पत्रकारिता और रंगमंच में दीक्षित... Read more
संजय चौहान मुखौटा इंजीनियर ‘धर्मलाल’ के बेजोड हस्तशिल्प कला का हर कोई है मुरीद, उत्तराखंड ही नहीं सात समंदर पार इंग्लैंड तक मुखौटों को दिलाई नयी पहचान। आज सृष्टि के सबसे बडे... Read more
प्रमोद रंजन कोविड के भय के अतिरेक ने अब तक एक ख़ास दिशा में विकसित हो रही मानव-सभ्यता और संस्कृति को एक गहरे संकट में धकेल दिया है। जिस दिशा में मानव जाति जा रही थी, उसकी अपनी कमियाँ थीं, ल... Read more
हिमांशु जोशी पिछले दो हफ़्ते से कोरोना से लड़ाई करते हुए मेरी कलम ने एक शब्द नही लिखा है। यह किसी पत्रकार के लिए कितना मुश्किल है यह तो वही बता सकता है। हालांकि एक कोरोना मरीज़ की डायरी मैं रोज़... Read more
सी. एस. कार्की विशाखापत्तनम में तो वैज्ञानिक आज कह रहे हैं कि शिक्षित युवकों को गाँव में जाना चाहिए परंतु उत्तराखण्ड के शिक्षित युवकों ने बिना विज्ञापन किए यह कार्य पहले ही प्रारंभ कर दिया ह... Read more
नवीन जोशी तो, नित्यानंद मैठाणी जी भी चले गए। 14 सितम्बर, 2020 की रात 86 वर्ष की आयु में लखनऊ में उनका निधन हो गया। कोई दस दिन पहले उनसे बात हुई थी। आवाज बहुत क्षीण थी। हाल में उन्होंने अप... Read more































