अजय जोशी
पंचायत चुनाव में भागीदारी का निर्णय रचनात्मक महिला मंच के लिए आसान नहीं था। लेकिन एक बार जब निर्णय लिया तो फिर मंच ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। चुनाव घोषित होने से पहले ही मंच ने अपना घोषणा पत्र जारी किया। उम्मीदवार सामने आये और पूरे दमखम के साथ अपने घोषणा पत्र को सामने रखते हुए मंच ने चुनाव लड़ा। परिणामस्वरूप मंच के 15 उम्मीदवार विजयी हुए।
यह कहानी अल्मोड़ा जिले के सल्ट विकास खंड के लगभग 1700 महिलाओं के संगठन रचनात्मक महिला मंच की है। रचनात्मक महिला मंच रचना और संघर्ष के विचार के साथ विगत 10 वर्षों से अल्मोड़ा जिले के सल्ट व पौड़ी जिले के नैनीडांडा विकास खंड के 150 से ज्यादा गावों में सक्रीय है। ग्रामीण विशेषकर महिलाओं, किशोरियों, युवाओं व बच्चों की जिंदगी से जुड़ा हर विषय मंच के लिए महत्वपूर्ण है। गैस सिलिंडर की गाड़ी गांव के निकटतम सड़क तक आने के लिए संघर्ष हो या बिजली के झूलते तारों के करंट से मवेशियों को होने वाला नुकसान हो. मंच ने हमेशा इन मुद्दों को मुखरता से उठाया है और स्थानीय प्रशासन को उन्हें सुनने व समाधान के लिए मजबूर किया है।
अब से तीन वर्ष पूर्व जब बाघ के हमले में मंच की एक सदस्य अकाल मौत का शिकार हुई और एक सदस्य घायल हुई तो मंच ने बढ़ा आंदोलन खड़ा किया। जिसमें मंच ने न सिर्फ जानवर के हमले में होने वाली मनुष्य व मवेशियों की मौत पर मुआवजा बढ़वा कर ही दम ली बल्कि आज तक मंच जंगल में रहने वाले जानवरों की आवासीय परिस्थतियाँ कैसे बेहतर हों इस विषय पर सरकार से समग्र नीति लाने की वकालत कर रहा है।
रचना के कामों में भी मंच पीछे नहीं है। मंच की सदयाएँ अपने बीज कोष का संचालन करती हैं। बीज कोष के संचालन के लिए मंच के पास अपने बीज व बीज खरीदने के लिए धनराशि है। इससे सदस्यों ने अपने सगवाड़ों में सीजनल सब्जियों का उत्पादन बढ़ाया है। मंच का यह कार्यक्रम परिवारों के पोषण को संतुलित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अपने परिवार के उपयोग के बाद बचने वाले कृषि उत्पादों को संयुक्त रूप से बाजार में बेचना मंच का दूसरा महत्त्वपूर्ण काम है जो मंच के सदस्यों को आर्थिक आज़ादी की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
हाल में हुए पंचायत चुनावों में रचनात्मक महिला मंच के सदस्यों ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की। चुनाव में ग्राम पंचायत नैकणा से मंच की सदस्य मंजू देवी प्रधान पद पर विजयी रहीं। ग्राम पंचायत मल्ला बिरल गांव से रेखा देवी ने प्रधान पद पर जीत दर्ज की। झड़गांव से मधु देवी ने प्रधान पद पर जीत दर्ज की। ग्राम पंचायत नदोली से अनीता देवी, कुणीधार से सरिता भट्ट व ग्राम पंचायत पिपना से बबीता देवी प्रधान पद पर विजयी रहीं। काने-खलपाटी पंचायत से प्रधान पद पर मंच समर्थित उम्मीदवार मोहन राम (मंच की सचिव बीना देवी के पति) ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को हराया। थला पंचायत से रचनात्मक महिला मंच समर्थित प्रत्याशी दीपा देवी प्रधान पद पर विजयी रहीं। भ्याड़ी पंचायत से मंच समर्थित उम्मीदवार प्रीती देवी विजयी रहीं। ग्राम पंचायत रामपुर से मंच समर्थित उम्मीदवार हरीश बंगारी प्रधान पद पर विजयी घोषित किये गए। ग्राम पंचायत कटरिया से मंच समर्थित उम्मीदवार इंदर सिंह विजयी रहे। रिकवासी से मंच के सदस्य शोभा देवी पहले ही प्रधान पद पर निर्विरोध चुनी जा चुकी थीं। क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर मंच की सदस्य गुड्डी देवी, तनूजा सुन्दरियाल व राधा देवी ने जीत दर्ज की।
रचनात्मक महिला मंच ने पंचायत चुनावों में अपने घोषणा पत्र के साथ प्रतिभाग किया था। मंच ने चुनाव के दौरान शराब व रूपये बांटने का विरोध, प्रधान पति वाली व्यवस्था को बदलने का संकल्प, गांव में स्थाई रूप से रहने वालों को चुनाव लड़ने में समर्थन, ग्राम सभा की बैठक में ही ग्राम विकास के निर्णय लेने, गांव की सहभागी विकास योजना बनाने जैसे मुद्दों को मुखरता से उठाया। चुनाव के दौरान मंच के घोषणा पत्र पर भी खूब चर्चा हुई। मंच के किसी भी महिला उम्मीदवार के पोस्टर और बैनर पर पुरुष के फोटो नहीं थे। चुनाव में कई गावों में महिलाओं ने शराब बांटने वालों को गांव से भगा दिया।
पंचायत चुनाव हो चुके हैं और परिणाम भी घोषित हो गए हैं। रचनात्मक महिला मंच ने पंचायत चुनाव में बढ़-चढ़कर भागीदारी की और सफलता भी मिली। अपनी इस सफलता से मंच उत्साहित है। पर अब आगे का रास्ता कम चुनौतियों से भरा हुआ नहीं है। देखना होगा कि रचनात्मक महिला मंच आने वाले समय में अपने घोषणा पत्र के साथ कैसे आगे बढ़ेगा। हालाँकि मंच पूर्व में ही अगस्त-सितम्बर माह में अपने कार्य क्षेत्र में पंचायतों के कार्य करने योग्य 29 विषय एवं वार्ड सभा, ग्राम सभा, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के कार्यों को लेकर जागरूकता अभियान शुरू कर चुका है। इसके साथ ही शीघ्र ‘ग्राम सभा संवाद यात्रा‘ भी शुरू की जा रही है।

































