अरुण कुकसाल ‘‘जीवन तो मुठ्ठी में बंद रेत की तरह है, जितना कसोगे उतना ही छूटता जायेगा। होशियारी इसी में है कि जिन्दगी की सीमायें खूब फैला दो, तभी तुम जीवन को संपूर्णता में जी सकोगे। डर कर जीन... Read more
जयप्रकाश पंवार ‘जेपी’ उत्तराखंड के गावों के विकास के लिये अपना जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी सिरिल रैफियल आखिरकार पुण्य धाम को चले गए. सत्तर के दसक में सिरिल जी उत्तराखंड के सा... Read more
पलाश विश्वास पुलिनबाबू मेरे पिता का नाम है।उनके जीते जी मैं उन्हें कभी नहीं समझ सका। उनके देहांत के बाद जिनके लिए वे तजिंदगी जीते रहे, खुद उनके हकहकूक के लिए देशभर के शरणार्थी आंदोलनों से उल... Read more
उमा भट्ट अस्कोट-आराकोट यात्रा 2014 (25 मई से 8 जुलाई) में चमोली जिले में वान गांव से आराकोट तक मैं भी तीस दिन तक शामिल हुई। यात्रा पथ की कई संस्थाओं, संगठनों, विद्यालयों, व्यक्तियों को भी जा... Read more
डॉ. अरुण कुकसाल उत्तराखण्ड में सामाजिक चेतना के अग्रदूत ‘बिहारी लालजी’ का 18 मार्च, 2021 को बूढ़ाकेदार आश्रम में निधन होना एक युग नायक का हमारे सामाजिक जीवन से प्रस्थान करना है।... Read more
हिमांशु जोशी भारत में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अंधेरे में रहते हुए भी पूरे देश में उजाला करते रहते हैं। नैनीताल समाचार की वजह से मेरा ऐसे ही एक रत्न से परिचय हुआ जिनका नाम है ‘बसु राय... Read more