अरुण कुकसाल ‘पत्थरों का उपासक, प्रकृति का पुजारी’ एक साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व ‘सबकी अपनी जीवन कहानी होती है और सबका अपना संघर्ष होता है, सबके अपने सौभाग्य और सफलताए... Read more
राजीव लोचन साह उस वक्त लाला गोविन्द लाल साह सलमगढ़िया ने सपने में भी यह नहीं सोचा होगा कि बापू फिर कभी ताकुला आयेंगे। उन्होंने तो बस अपनी व्यक्तिगत श्रद्धा के कारण ‘गांधी मन्दिर’ का निर्माण क... Read more
योगेश भट्ट हाल ही में वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने भारत की क्रेडिट रेटिंग स्थिर से घटाकर ऋणात्मक कर दी है । जिसका कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में सुस्ती, ग्रामीण परिवारों पर... Read more
वर्षा सिंह केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को इस तरह की परिभाषाएं नहीं तय करनी चाहिए, जिससे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना होती हो जंगल की... Read more
उमेश तिवारी ‘विश्वास‘ उत्तराखंड की ज़मीनों पर भू माफ़िया की गिद्ध दृष्टि बनी हुई है. उत्तराखंड सरकार द्वारा लाये गए एक नए शासनादेश से वन संरक्षण अधिनियम 1980 को कमज़ोर किये जाने की आशंका जता... Read more
इन्द्रेश मैखुरी मेरी प्यारी सरकार,ठंड की मारी सरकार,प्रचंड बहुमत से जीती, लेकिन ठंड से हारी सरकार ! हाय,हम पहाड़ वासी तो पलक पांवड़े बिछाये हुए थे कि तुम अब आओगे, हमारे दर कि तब आओगे ! पर तुम्... Read more
जगमोहन रौतेला कभी हल्द्वानी में दो सौ मीटर की पदयात्रा तो अब गैरसैंण में तीन घंटे का उपवास । सत्ता से बाहर हो जाने पर भी जनता व मुद्दों से छन करना नहीं छोड़ा । इन्हीं हरकतों से पता चलता है... Read more
योगेश भट्ट निसंदेह देश ने बहुत तरक्की की मगर यह भी सच है कि जिन गांवों में इस देश की आत्मा बसती है, वो लगातार उजड़ रहे हैं । सरकारों को उनकी कोई परवाह नहीं । जिस देश की कुल आबादी का सत्तर फी... Read more































