बहुत दुःख और कष्ट के साथ यह लिख रहा हूँ कि हमारे उस्ताद और दाज्यू शेखर जोशी ने कुछ देर पहले देह से मुक्ति पा ली। चंद रोज से वे गाजियाबाद के अस्पताल में थे और बड़े कष्ट में थे। 10 सितंबर को ब... Read more
शीतल साहित्य के प्रति रुचि पैदा करने के उद्देश्य से एल एस एम राजकीय महाविद्यालय पिथौरागढ़ की छात्राओं द्वारा सावित्री बाई फुले पाठक मंच का गठन किया गया है। मंच की पहली बैठक में पिछले दिनों सम... Read more
नवीन जोशी आज हम यहां बहुत असामान्य परिस्थितियों में मिल रहे हैं। एक महामारी ने पूरी दुनिया को हलकान कर रखा है। इससे बचाव के तरीके खोज लिए जाएंगे लेकिन जिन कारणों से ऐसी परिस्थितियां जन्म ले... Read more
मिथिलेश कुमार सिंह ‘खबर सिर्फ इतनी नहीं है कि 1948 में टिहरी गढ़वाल के काफलपानी गांव में वह पैदा हुआ था, पढ़ाई- लिखाई देहरादून में हुई, नौकरी उसने देश के मुख्तलिफ शहरों में की, वह कवि... Read more
प्रियदर्शन ‘पहाड़ों की यातनाएं हमारे पीछे हैं, मैदानों की हमारे आगे.’ जर्मन कवि बर्तोल्त ब्रेख्त की यह काव्य पंक्ति मंगलेश डबराल को बहुत प्रिय थी और अक्सर वे इसे दोहराया करते थे.... Read more
चारु तिवारी बहुत विचलित करने वाली खबर आ रही है। हमारे अग्रज, प्रिय कवि, जनसरोकारों के लिये प्रतिबद्ध मंगलेश डबराल जी जिंदगी की जंग हार गये हैं। पिछले दिनों वे बीमार हुये तो लगातार हालत बिगड... Read more
अशोक पांडे कहानी 1913 में शुरू होती है. बीस साल का एक उत्साही युवक आल्प्स के पहाड़ी इलाके में यात्रा करने निकलता है. एक दिन वह खुद को बंजर हो चुकी एक उदास घाटी के एक परित्यक्त गाँव में पाता ह... Read more
अमरीक सिंह भारतीय कविता के लिए एक जरूरी नाम हैं, क्योंकि उनके योगदान के उल्लेख के बिना भारतीय साहित्य और समाज के लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं बनता है। उनका जीवन और कला दोनों महान हैं। उन्हें क्... Read more
देवेश जोशी कुछ ही महीने पहले की बात है। अननोन नम्बर से मोबाइल पर काॅल आती है। उठाया तो कोई महिला कड़क आवाज़ में पूरे आत्मविश्वास के साथ पूछ रही थी – आप कौन हो? मैंने घबराते हुए कहा, मैडम... Read more